30 में से 27 हजार छात्राओं का खुलासा, कहा- थाने के सामने होती है छेड़खानी...खौफ में जी रहे
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हरियाणा के 16 जिलों की 30 हजार में से 27 हजार यानी 90 प्रतिशत छात्राओं ने घर से निकलते ही ऑटो चालक से लेकर बिना नंबर के बाइक सवार युवकों पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। यही नहीं झज्जर, गुरुग्राम में तो थानों के सामने ही छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की जाती है। एक और सुधार कार्यक्रम के तहत छात्राओं से सीधे संवाद कर परियोजना निदेशक द्वारा तैयार कराई गई रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। कार्यक्रम के परियोजना निदेशक रॉकी मित्तल जल्द ही मामले की रिपोर्ट सीएम और डीजीपी को सौंपेंगे।
एक और सुधार कार्यक्रम के परियोजना निदेशक ने बताया कि प्रदेशभर के विभिन्न स्कूलों में जाकर कार्यक्रम के तहत छात्राओं से सीधा संवाद किया जा रहा है। ताकि छात्राओं को किसी भी तरह की परेशानी हो तो वह खुलकर बता सकें। इसके लिए छात्राओं को जागरूक करने संबंधी वीडियो भी दिखाई जाती है। कार्यक्रम का परिणाम यह रहा है कि अब उनके सामने स्कूलों में ही छात्राएं खुलकर बोलने लगी हैं।
हरियाणा के 16 जिलों में संवाद कार्यक्रम के दौरान 30 हजार छात्राओं ने विभिन्न तरह की समस्याएं बताईं। जिनमें से 27 हजार यानी 90 प्रतिशत ने मनचलों द्वारा छेड़छाड़ की बात कही है। अंबाला, मेवात, कैथल में छात्राओं ने कहा कि घर से स्कूल के लिए निकलते ही बिना नंबर की बाइक सवार मनचले उनके साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर देते हैं।
मगर वह शर्म की वजह से घर में कुछ नहीं बता पातीं। गुरुग्राम और झज्जर में तो छात्राओं ने थानों के सामने ही मनचलों द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। छात्राओं ने छिपकर पुलिस को सूचना भी दी, पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। नारनौल, चरखी दादरी, रोहतक, कुरुक्षेत्र, हिसार, रेवाड़ी में छात्राओं ने कहा कि ऑटो चालक भी उनके साथ छेड़छाड़ करते हैं।
मनचलों द्वारा छेड़छाड़ की शिकायत पर भी यदि पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है तो यह गंभीर मामला है। जांच कराकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। -बीएस संधू, डीजीपी, हरियाणा
संवाद कार्यक्रमों में छात्राओं ने यह बातें भी बताईं
1. घर से स्कूल तक आना-जाना खौफ के साए में होता है।
2. लड़के रास्ते में आते-जाते भद्दे कमेंट करते हैं।
3. लड़के रास्ता रोककर चिट देने की कोशिश करते हैं।
4. किसी से कह भी नहीं सकते। घर बताएं तो पढ़ाई छूट जाती है।
एक सप्ताह में रोहतक को मजनुओं से मुक्त करने का दावा
सरकार के एक और सुधार कार्यक्रम के परियोजना निदेशक रॉकी मित्तल का दावा है कि वे एक सप्ताह में रोहतक व दो महीने में हरियाणा को मजनुओं से मुक्त कर देंगे। छात्राओं से मिली फीडबैक के आधार पर पुलिस को मजनुओं के ठिकाने बता दिये गए हैं। पुलिस सही तरीके से काम करेगी तो सप्ताह भर में रोहतक व दो महीने में हरियाणा मजनुओं से मुक्त हो जाएगा। रोहतक पुलिस ने इस ओर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। डीजीपी ने भी सख्त कार्रवाई करने की बात कही है।