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मिसयूज और वायलेशन हटाने संबंधी देना होगा शपथ पत्र
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 06 Jan 2017 12:06 AM IST
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Municipal Corporation office Chandigarh
- फोटो : File Photo
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मिसयूज और वायलेशन हटाने पर लोगों से अब एक शपथ पत्र मांगा जाएगा। शपथ पत्र देने के बाद ही एस्टेट ऑफिस का कोई अधिकारी यह जांचने जाएगा कि वायलेशन हटाई गई या नहीं।
एस्टेट ऑफिस ने यह फैसला वायलेशन हटाने के झूठे मामले सामने आने के बाद लिया है। शपथ पत्र झूठा निकलने पर प्रापर्टी मालिक पर उचित कार्रवाई भी होगी। फिलहाल कहीं किसी घर या अन्य प्रापर्टी में मिसयूज या किसी तरह की वायलेशन मिलने पर एस्टेट ऑफिस उसे हटाने का समय देता है। हटाने के लिए नोटिस भी दिया जाता है। नोटिस में दी गई समय सीमा के बाद भी वायलेशन नहीं हटाने पर इन्फोर्समेंट विंग खुद उसे हटाती है।
एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि बहुत से मामलों में लोग बिना मिसयूज और वायलेशन हटाए ही एस्टेट ऑफिस को सूचना दे देते हैं। उसके बाद बिल्डिंग ब्रांच की टीम सच्चाई जांचने पहुंचती है तो स्थिति पहले जैसी मिलती है। कई बार तो इंडस्ट्रियल एरिया की यूनिट में टीम को दाखिल ही नहीं होने दिया जाता है। अब वायलेशन हटाने की झूठी जानकारी देने वाला खुद इसके लिए जिम्मेदार होगा। इसीलिए अब शपथपत्र लिया जाएगा।
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एस्टेट ऑफिस ने यह फैसला वायलेशन हटाने के झूठे मामले सामने आने के बाद लिया है। शपथ पत्र झूठा निकलने पर प्रापर्टी मालिक पर उचित कार्रवाई भी होगी। फिलहाल कहीं किसी घर या अन्य प्रापर्टी में मिसयूज या किसी तरह की वायलेशन मिलने पर एस्टेट ऑफिस उसे हटाने का समय देता है। हटाने के लिए नोटिस भी दिया जाता है। नोटिस में दी गई समय सीमा के बाद भी वायलेशन नहीं हटाने पर इन्फोर्समेंट विंग खुद उसे हटाती है।
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एस्टेट ऑफिस की बिल्डिंग ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि बहुत से मामलों में लोग बिना मिसयूज और वायलेशन हटाए ही एस्टेट ऑफिस को सूचना दे देते हैं। उसके बाद बिल्डिंग ब्रांच की टीम सच्चाई जांचने पहुंचती है तो स्थिति पहले जैसी मिलती है। कई बार तो इंडस्ट्रियल एरिया की यूनिट में टीम को दाखिल ही नहीं होने दिया जाता है। अब वायलेशन हटाने की झूठी जानकारी देने वाला खुद इसके लिए जिम्मेदार होगा। इसीलिए अब शपथपत्र लिया जाएगा।
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पेनाल्टी का मामला हाईकोर्ट में
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
इंडस्ट्रियल एरिया की 53 में मिली मिसयूज और वायलेशन
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 दोनों में ही मिसयूज-वायलेशन है। एस्टेट ऑफिस के सर्वे में ऐसी करीब 53 यूनिट मिली थी, जिनमें मिसयूज और वायलेशन की गई थी। इनमें से 32 को तो एस्टेट ऑफिस की तरफ से नोटिस भी जारी किया गया है। यहां कई मामलों में यूनिट से वायलेशन हटाए बिना ही एस्टेट ऑफिस को हटाने की सूचना दे दी गई।
पेनाल्टी का मामला हाईकोर्ट में
मिसयूज और वायलेशन की पेनाल्टी अब तक तय नहीं हो पाई है। प्रशासन ने अपने स्तर पर प्रति वर्ग फुट जो पेनाल्टी तय की थी उसका मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा है। साथ ही पेनाल्टी का मामला एमएचए के पास भी विचाराधीन है। ऐसे में अभी मिसयूज और वायलेशन को सिर्फ रोका जा सकता है। ऐसा करने वालों पर पेनाल्टी नहीं लगाई जा सकती।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 दोनों में ही मिसयूज-वायलेशन है। एस्टेट ऑफिस के सर्वे में ऐसी करीब 53 यूनिट मिली थी, जिनमें मिसयूज और वायलेशन की गई थी। इनमें से 32 को तो एस्टेट ऑफिस की तरफ से नोटिस भी जारी किया गया है। यहां कई मामलों में यूनिट से वायलेशन हटाए बिना ही एस्टेट ऑफिस को हटाने की सूचना दे दी गई।
पेनाल्टी का मामला हाईकोर्ट में
मिसयूज और वायलेशन की पेनाल्टी अब तक तय नहीं हो पाई है। प्रशासन ने अपने स्तर पर प्रति वर्ग फुट जो पेनाल्टी तय की थी उसका मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा है। साथ ही पेनाल्टी का मामला एमएचए के पास भी विचाराधीन है। ऐसे में अभी मिसयूज और वायलेशन को सिर्फ रोका जा सकता है। ऐसा करने वालों पर पेनाल्टी नहीं लगाई जा सकती।