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सुपरवुमन हैं चंडीगढ़ की महिलाएं: घर और परिवार की उठा रही ज्यादा जिम्मेदारी, पुरुष इस काम में बहुत पीछे
Thu, 03 Apr 2025 12:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 03 Apr 2025 12:26 PM IST
सार
केंद्र सरकार के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (एनएसओ) की तरफ से टाइम यूज इन इंडिया 2024 के आंकड़े सामने आए हैं। इसमें चंडीगढ़ के पुरुषों और महिलाओं के समय के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है।
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चंडीगढ़ की महिलाएं सुपरवुमन।
- फोटो : Freepik
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विस्तार
घर के कामों में हाथ बंटाने में चंडीगढ़ के पुरुष बहुत पीछे हैं। महिलाएं रोजाना 4 घंटे घरेलू कामों में बिताती हैं, जबकि पुरुषों का योगदान महज डेढ़ घंटे है। यानी घर के कामों में महिलाओं पर ढाई गुना ज्यादा बोझ है।
जहां पुरुषों का ध्यान अधिकतर नौकरी और बिजनेस पर केंद्रित है, वहीं महिलाएं न केवल घर संभाल रही हैं, बल्कि पढ़ाई, सामाजिक गतिविधियों और परिवार की देखभाल में भी पुरुषों से चार गुना अधिक समय दे रही हैं। हालांकि नींद के मामले में महिलाएं थोड़ा पीछे हैं।
यह भी पढ़ें: पीजीआई में ऑपरेशन का समय बदला: कोरोना से पहले की तर्ज पर आठ बजे तक होंगे, मरीजों को इंतजार से राहत
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चंडीगढ़ में छह वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों में बिताए गए औसत समय पर केंद्र सरकार के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (एनएसओ) की तरफ से हाल ही में टाइम यूज इन इंडिया 2024 के आंकड़े जारी किए गए हैं। इसके अनुसार चंडीगढ़ में रोजगार और घरेलू कार्यों में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी में बड़ा अंतर देखा गया है। चंडीगढ़ में पुरुषों की 66.6 फीसदी आबादी रोजगार और संबंधित गतिविधियों में शामिल पाई गई, जबकि महिलाओं का प्रतिशत 22.1 फीसदी ही रहा।
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जहां पुरुषों का ध्यान अधिकतर नौकरी और बिजनेस पर केंद्रित है, वहीं महिलाएं न केवल घर संभाल रही हैं, बल्कि पढ़ाई, सामाजिक गतिविधियों और परिवार की देखभाल में भी पुरुषों से चार गुना अधिक समय दे रही हैं। हालांकि नींद के मामले में महिलाएं थोड़ा पीछे हैं।
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चंडीगढ़ में छह वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों में बिताए गए औसत समय पर केंद्र सरकार के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (एनएसओ) की तरफ से हाल ही में टाइम यूज इन इंडिया 2024 के आंकड़े जारी किए गए हैं। इसके अनुसार चंडीगढ़ में रोजगार और घरेलू कार्यों में पुरुषों और महिलाओं की भागीदारी में बड़ा अंतर देखा गया है। चंडीगढ़ में पुरुषों की 66.6 फीसदी आबादी रोजगार और संबंधित गतिविधियों में शामिल पाई गई, जबकि महिलाओं का प्रतिशत 22.1 फीसदी ही रहा।
रोजगार क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी कम
- पुरुषों ने औसतन 8 घंटे 47 मिनट रोजगार और उससे जुड़ी गतिविधियों में बिताए
- महिलाओं ने औसतन 7 घंटे 3 मिनट ही लगाए। इसका मतलब है कि पुरुष, महिलाओं की तुलना में औसतन करीब 1 घंटा 44 मिनट ज्यादा कामकाजी गतिविधियों में लगाते हैं।
घरेलू कार्यों में महिलाओं का वर्चस्व
- घर के कामों में महिलाओं का योगदान पुरुषों की तुलना में कहीं अधिक
- बिना वेतन वाले घरेलू कार्यों में पुरुषों ने 1 घंटा 49 मिनट खर्च किए जबकि महिलाओं ने 4 घंटे 3 मिनट दिए
- बिना वेतन वाले देखभाल सेवाओं (जैसे बच्चों और बुजुर्गों की देखभाल) में पुरुषों ने 1 घंटा 21 मिनट दिए, जबकि महिलाओं ने 2 घंटे 56 मिनट
मनोरंजन : लोगों से मिलना-जुलना और खेल गतिविधियों में पुरुषों ने 3 घंटे तो महिलाएं 3 घंटे 21 मिनट खर्च करतीं हैं
स्वास्थ्य : स्वास्थ्य और आत्म-देखभाल (जैसे नींद, व्यक्तिगत स्वच्छता आदि) में भी पुरुषों और महिलाओं का समय लगभग समान रहा। पुरुषों ने 692 मिनट और महिलाओं ने 682 मिनट दिए।
पढ़ने-लिखने में दोनों का समय लगभग बराबर
शिक्षा और सीखने की गतिविधियों में दोनों ने ही औसतन 6 घंटे 6 मिनट (366 मिनट) बिताए।सामाजिक भागीदारी
सामाजिक मेलजोल, सामुदायिक भागीदारी और धार्मिक गतिविधियों में भी पुरुषों और महिलाओं का समय लगभग बराबर रहा, यानी 6 घंटे 5 मिनट (365 मिनट)।ये आंकड़े बताते हैं कि चंडीगढ़ में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों में पुरुषों की भागीदारी अधिक है, जबकि महिलाएं घरेलू कार्यों और देखभाल सेवाओं में ज्यादा समय लगाती हैं।