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Chandigarh News: बिना तैयारी बैठक, भाजपा ने घेरा तो बिना चर्चा आधे घंटे में खत्म कर दी बैठक
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चंडीगढ़। शहर के मेयर कुलदीप कुमार ने मंगलवार को नगर निगम की खस्ता वित्तीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए विशेष सदन की बैठक बुलाई थी। चर्चा के लिए पार्षदों को कोई एजेंडा-आंकड़े नहीं दिए गए। इस पर भाजपा ने मेयर को घेरा और कई सवाल पूछे। बैठक दोपहर 2.15 बजे शुरू हुई और हंगामे के बीच बिना चर्चा 2.45 बजे खत्म हो गई। भाजपा ने बिना तैयारी के बैठक बुलाने का आरोप लगाया और नारेबाजी भी की। सवाल उठ रहा है कि यही सब चलता रहा तो निगम की नैया कैसे पार लगेगी। निगम ने सोमवार शाम करीब छह बजे आदेश जारी कर मंगलवार को दोपहर दो बजे सदन की बैठक बुलाई थी। इसमें चर्चा होनी थी कि निगम को कैसे वित्तीय संकट से बाहर लाया जा सकता है। पार्षदों से सुझाव लेने थे। बैठक 2:15 बजे शुरू हुई। सबसे पहले नए आयुक्त अमित कुमार का आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षदों ने उनकी सीट पर जाकर स्वागत किया। भाजपा के पार्षद नहीं गए। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर भी नहीं गए। पार्षद सौरभ जोशी ने पूछा कि सदन की विशेष बैठक बुलाने के लिए कितने घंटे पहले नोटिस देना होता है। निगम के सचिव गुरिंदर सिंह सोढी ने एक्ट का हवाला देकर कहा कि विशेष सदन की बैठक बुलाने के लिए कोई भी समय सीमा नहीं है। यह मेयर के विवेक के ऊपर होता है कि अगर एक तय संख्या में पार्षद विशेष सदन के लिए आग्रह करें तो वह कभी भी बुला सकते हैं। करीब 15 मिनट तक बहसबाजी चलती रही। मेयर ने कहा कि पहले भी भाजपा के मेयर के कार्यकाल में अचानक कई बैठकें बुलाई जा चुकी हैं। इस बहस को बीच में रोकते हुए आयुक्त अमित कुमार ने कहा कि उन्हें आगे किसी अन्य मीटिंग में जाना है इसलिए सभी को बैठक के मुद्दे पर आना चाहिए। हालांकि, बहसबाजी चलती रही।
भाजपा के पार्षद शुरू से ही मेयर पर हावी दिखे। हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि यह कैसी मीटिंग है। उनके पास कोई एजेंडा नहीं है। वित्तीय स्थिति पर चर्चा करनी है लेकिन कोई आंकड़े दिए नहीं गए। इस बीच आप के हरदीप सिंह खड़े हुए और पूछा कि निगम की वर्तमान स्थिति क्या है। इस पर सचिव गुरिंदर सिंह सोढ़ी ने कुछ मिनट ही जवाब दिया। भाजपा के पार्षद खड़े हो गए और कहा कि ऐसे जुबानी आंकड़े बताने से कोई फायदा नहीं, क्योंकि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। मेयर ने कहा कि पार्षदों का व्यवहार देखकर ऐसा लग रहा है कि कोई भी इस बड़े मुद्दे पर गंभीर नहीं है। नए आयुक्त अमित कुमार भी अभी आए हैं। ऐसे में उन्हें नगर निगम कार्य प्रणाली को समझने के लिए थोड़ा समय चाहिए इसलिए सदन की बैठक बाद में बुलाई जाएगी। यह कहकर उन्होंने राष्ट्रीय गान शुरू करा दिया और बैठक खत्म हो गई।
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भाजपा के पार्षद शुरू से ही मेयर पर हावी दिखे। हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि यह कैसी मीटिंग है। उनके पास कोई एजेंडा नहीं है। वित्तीय स्थिति पर चर्चा करनी है लेकिन कोई आंकड़े दिए नहीं गए। इस बीच आप के हरदीप सिंह खड़े हुए और पूछा कि निगम की वर्तमान स्थिति क्या है। इस पर सचिव गुरिंदर सिंह सोढ़ी ने कुछ मिनट ही जवाब दिया। भाजपा के पार्षद खड़े हो गए और कहा कि ऐसे जुबानी आंकड़े बताने से कोई फायदा नहीं, क्योंकि उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा है। मेयर ने कहा कि पार्षदों का व्यवहार देखकर ऐसा लग रहा है कि कोई भी इस बड़े मुद्दे पर गंभीर नहीं है। नए आयुक्त अमित कुमार भी अभी आए हैं। ऐसे में उन्हें नगर निगम कार्य प्रणाली को समझने के लिए थोड़ा समय चाहिए इसलिए सदन की बैठक बाद में बुलाई जाएगी। यह कहकर उन्होंने राष्ट्रीय गान शुरू करा दिया और बैठक खत्म हो गई।
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