हरियाणाः रोडवेज कर्मियों से किलोमीटर स्कीम पर वार्ता फिर बेनतीजा, अब सीएम पर टिकीं निगाहें
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हरियाणा परिवहन विभाग और रोडवेज कर्मचारियों के बीच किलोमीटर स्कीम पर वार्ता एक बार फिर बेनतीजा रही है। एसीएस परिवहन धनपत सिंह की अध्यक्षता में ढाई घंटे चली बैठक में रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी किलोमीटर स्कीम रद्द करने पर अड़ी रही तो विभाग योजना से पीछे हटने को लेकर टस से मस नहीं हुआ। 18 दिन की हड़ताल के दौरान निलंबन, बर्खास्तगी, चार्जशीट इत्यादि कार्रवाई को निरस्त करने पर भी बैठक में कोई सहमति नहीं बन पाई।
परिवहन विभाग ने बैठक में हंगामे से बचने के लिए नरम रुख अपनाए रखा, वहीं वीडियोग्राफी के चलते कर्मचारी नेता भी शांत ही रहे। 14 नवंबर को इसी मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। उस दौरान विभाग की ओर से 12 नवंबर को हुई बैठक की कार्रवाई की सीडी भी सौंपी जाएगी। कर्मचारी नेताओं ने बैठक के दौरान सीएम से मुलाकात व बातचीत न कराने का जब मुद्दा उठाया तो एसीएस धनपत सिंह ने आश्वस्त किया कि जल्दी वार्ता कराने की कोशिश करेंगे।
इससे तालमेल कमेटी के सदस्य संतुष्ट दिखे। कर्मचारी नेताओं ने 190 बसें और हायर करने का टेंडर जारी करने पर भी नाराजगी जताई। अब सीएम के साथ होने वाली वार्ता पर निगाहें टिक गई हैं।
विभाग के रुख से कर्मचारियों में निराशा : कमेटी
बैठक में तालमेल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, इंद्र सिंह बधाना, वीरेंद्र सिंह धनखड़, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, बाबूलाल यादव, जयभगवान कादियान, सरबत सिंह पूनिया, पहल सिंह तंवर, बलवान सिंह दोदवा, आजाद गिल व सुल्तान सिंह, प्रदीप बूरा तो परिवहन विभाग की तरफ से अतिरिक्त मुख्य सचिव परिवहन धनपत सिंह, महानिदेशक परिवहन रमेश चंद्र बिढ़ान, अतिरिक्त महानिदेशक वीरेंद्र दहिया व संवर्तक सिंह मौजूद रहे। कमेटी नेताओं ने कहा कि सरकार ने हड़ताल के दौरान रोडवेज कर्मचारियों पर एस्मा के तहत की गई सभी कार्रवाई पर भी स्पष्ट जवाब न देते हुए निर्णय हाईकोर्ट पर छोड़ दिया है, जबकि उत्पीड़न की कार्रवाई बहाल करना सरकार का काम है। विभाग के रुख से कर्मचारियों में निराशा है।
हाईकोर्ट में रखेंगे जेल में हुए अमानवीय कृत्यों पर पक्ष
तालमेल कमेटी ने बैठक में एसीएस परिवहन को बताया कि रोहतक व भिवानी जेल में बंद रोडवेज व अन्य विभाग के कर्मचारियों पर अमानवीय कृत्य किए गए। उनके कपड़े तक उतरवाए व तरह-तरह की यातनाएं दी। जनवादी महिला समिति की नेता बिमला घनघस को जेल अधिकारियों ने तरह-तरह की धमकियां दी, बाथरूम व टॉयलट तक साफ करवाए। 14 नवंबर को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तालमेल कमेटी इस मामले को भी रखेगी। अगर जरूरत पड़ी तो तालमेल कमेटी मानवाधिकार आयोग में भी जाएगी।