{"_id":"e19198db202fb3409b6de0810ebd3eb9","slug":"meet-rakesh-kumar-sangar-moving-blood-bank-and-hero-of-city-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिलिए चलता-फिरता ब्लड बैंक से, जानिए इनकी खासियत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलिए चलता-फिरता ब्लड बैंक से, जानिए इनकी खासियत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Jan 2016 11:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
56 वर्षीय राकेश कुमार संगर को यदि चलता-फिरता ब्लड बैंक कहा जाए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। जब भी किसी को ब्लड की जरूरत पड़ती है तो वह और उनकी टीम एक घंटे के भीतर डोनर उपलब्ध करा देती है।
विज्ञापन
श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना का मकसद किसी की भी मौत रक्त की कमी से न हो। उन्होंने बताया कि वे और उनकी टीम 1995 से ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित कर रही है। अब तक 25 हजार यूनिट से ज्यादा रक्त इकट्ठा किया जा चुका है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि गर्मी और सर्दी के वक्त शहर के अस्पतालों में रक्त की कमी हो जाती है। उस दौरान संस्था सबसे ज्यादा कैंप लगाती हैं।
इस दौरान डोनेट होने वाला ब्लड शहर के अस्पतालों में भिजवाया जाता है। राकेश ने बताया कि इस काम में उनकी भागीदारी सिर्फ नाम की है, सारा इंतजाम और आयोजन उनकी टीम के सदस्य करते हैं।
विज्ञापन
टीम में 100 से ज्यादा लोग जुड़े हैं। पूरे ट्राइसिटी में श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट एक मात्र ऐसी संस्था है, जो सबसे ज्यादा कैंप का आयोजन करती है। साल 2016 की शुरुआत में ही संस्था 800 यूनिट ब्लड इकट्ठा कर चुकी है।