स्वच्छ सर्वेक्षण 2023: सफाई मित्र सुरक्षित शहर में चंडीगढ़ अव्वल, साफ शहरों की सूची में 11वां स्थान
चंडीगढ़ की स्वच्छता का आकलन करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण टीम 10 से 15 अगस्त के बीच चंडीगढ़ का दौरा किया था। प्रशासन और नगर निगम ने काफी मेहनत की थीष। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई थीं। सभी की जिम्मेदारी तय की गई थी।
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भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के नतीजे जारी कर दिए हैं। देश के साफ शहरों की सूची में चंडीगढ़ ने एक पायदान की छलांग लगाई है। इस बार सिटी ब्यूटीफुल 11वें नंबर पर आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में चंडीगढ़ 12वें नंबर पर था। इसके साथ ही चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ सफाई मित्र सुरक्षित शहर से भी नवाजा गया है।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के राष्ट्रीय पुरस्कारों के एलान के बाद नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चंडीगढ़ को सर्वश्रेष्ठ सफाई मित्र सुरक्षित शहर के लिए पुरस्कार दिया। पुरस्कार के लिए चंडीगढ़ के मेयर अनूप गुप्ता, प्रशासक के सलाहकार व गृह सचिव नितिन कुमार यादव, आयुक्त आनिंदिता मित्रा और नगर निगम के चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा दिल्ली में मौजूद रहे और पुरस्कार को प्राप्त किया। इस बार चंडीगढ़ का ओवरऑल स्कोर 9500 में से 8541.1 रहा है, जबकि पिछले वर्ष 7500 में से 6208.5 रहा था।
इंदौर का इस वर्ष ओवरऑल स्कोर 9348.4 रहा है। सर्वेक्षण में पहले नंबर पर इंदौर आया है। इंदौर ने लगातार सातवीं बार सबसे साफ शहर के लिए पुरस्कार प्राप्त किया। चंडीगढ़ को उम्मीद थी कि इस बार टॉप 10 में जगह बना लेगा लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। रैंकिंग सुधारने के लिए निगम ने कंसल्टेंट भी नियुक्त किए थे और कई कार्यक्रमों का आयोजन किया लेकिन इसका ज्यादा लाभ नहीं मिला। हर साल गांधी जयंती से एक दिन पहले एक अक्तूबर को स्वच्छ सर्वेक्षण के नतीजे जारी किए जाते हैं लेकिन पिछले वर्ष विभिन्न कारणों की वजह से नतीजे नहीं जारी किए जा सके। गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 के नतीजों की घोषणा हुई।
10 से 15 अगस्त के बीच चंडीगढ़ पहुंची थी सर्वेक्षण की टीम
चंडीगढ़ की स्वच्छता का आकलन करने के लिए स्वच्छता सर्वेक्षण टीम 10 से 15 अगस्त के बीच चंडीगढ़ का दौरा किया था। प्रशासन और नगर निगम ने काफी मेहनत की थी। कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हुई थी। निगम और प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया था कि वह सड़कों पर कचरा या मलबा न फेंकें। ऐसा करने वालों पर नकेल कसने के लिए पुलिस को जिम्मा दिया गया था।
चार तिमाही में मूल्यांकन, 46 संकेतकों में हुआ कार्य प्रदर्शन का अध्ययन
24 मई 2022 से सर्वेक्षण 2023 की शुरुआत हुई थी। पहले चरण में स्वच्छता के विभिन्न मापदंडों पर नागरिकों से टेलीफोन पर बातचीत की गई। चार तिमाहियों में मूल्यांकन हुआ। चौथे तिमाही में फील्ड असेसमेंट हुआ। 46 संकेतकों में शहरों के कार्य प्रदर्शन का अध्ययन किया गया। केंद्र ने इस बार सर्वेक्षण में घर-घर से लिए गए कचरे को अलग-अलग करने, जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, दिव्यांग-अनुकूल शौचालय, बेहतर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन और बैक लेन स्वच्छता से संबंधित मानदंडों पर ध्यान केंद्रित किया और उनके अंक बढ़ाए गए।
नगर निगम के इन प्रयासों ने रैंकिंग को सुधारा
- 'मैनहोल' को 'मशीन होल' में बदलने के बारे में जोर दिया
- जीरो अपशिष्ट कार्यक्रम, आरआरआर केंद्रों की सफलता
- बैकलेन स्वच्छता से संबंधित मानदंडों पर ध्यान केंद्रित करना
- वेस्ट टू वंडर पार्कों की स्थापना
- दिव्यांग-अनुकूल शौचालयों का निर्माण
- घर-घर से लिए गए कचरे को अलग-अलग करने में सफलता
पिछले वर्षों की रैंकिंग
- वर्ष 2020: रैंक 16
- ओवरऑल स्कोर - 4970.07/6000
- वर्ष 2021: रैंक 66
- ओवरऑल स्कोर - 4277.29/6000
- वर्ष 2022: रैंक 12
- ओवरऑल स्कोर - 6208.52/7500
- वर्ष 2023: रैंक 11
- ओवरऑल स्कोर - 8541.1/9500
सात साल पहले हम 11वें नंबर पर ही थे
- वर्ष रैंकिंग
- 2016 02
- 2017 11
- 2018 03
- 2019 20
- 2020 16
- 2021 66
- 2022 12
- 2023 11
यह पुरस्कार नगर निगम के लगातार प्रयासों व नागरिकों और हितधारकों के अटूट समर्थन को दर्शाता है। यह चंडीगढ़ को एक स्वच्छ और टिकाऊ शहर में बदलने की हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। - अनूप गुप्ता, मेयर।
चंडीगढ़ ने मैनहोल से मशीनहोल तक की अपनी यात्रा में काफी प्रगति की है। लगातार प्रयासों के कारण स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 पुरस्कारों में 11वीं रैंक हासिल हुई है। यह उपलब्धि नगर निगम के ठोस प्रयासों और शहर की स्वच्छता और स्वच्छता मानकों में सुधार के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है। - आनिंदिता मित्रा, आयुक्त।