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मेयर ने सीधे चीफ इंजीनियर को लिखा पत्र, आयुक्त ने जताई नाराजगी
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चंडीगढ़। मेयर रविकांत शर्मा ने एक कार्य के शुभारंभ के लिए सीधे चीफ इंजीनियर को पत्र लिख दिया। तत्कालीन आयुक्त केके यादव ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसी भी अधीनस्थ कर्मचारी को मेयर सीधे पत्र नहीं लिख सकते हैं। इस पर मेयर ने जवाब देते हुए कहा कि यह जानबूझकर नहीं बल्कि गलतफहमी के कारण हुआ है।
किसी कार्य के उद्घाटन के लिए मेयर रविकांत शर्मा को तैयारी करानी थी। इसके लिए मेयर ने सीधे चीफ इंजीनियर को पत्र लिख दिया। इस पर तत्कालीन आयुक्त ने 22 जुलाई के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि चीफ इंजीनियर ने काम के लिए अनुमति मांगी है। इसमें मेयर दफ्तर से एक पत्र सीधे चीफ इंजीनियर को लिखा गया है। पंजाब नगर निगम अधिनियम के अनुसार, सभी प्रकार की शक्तियां आयुक्त के पास होती हैं। किसी भी कार्य के लिए अनुमति या जानकारी सीधे आयुक्त से मांगी जाती है, न कि उसके अधीनस्थ कर्मचारी से। इस पर मेयर ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर नियमों की अवहेलना नहीं की है। पुराने आदेशों के आधार पर और एक्सईएन की सलाह पर इस तरह की गलती हुई है। यह सिर्फ एक गलतफहमी थी। भविष्य में संबंधित अधिकारी को ही पत्र लिखा जाएगा।
बंसल बोले-भाजपा ने गिराई निगम की प्रतिष्ठा
वहीं, पूर्व सांसद पवन बंसल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने निगम की गरिमा और प्रतिष्ठा को गिराया है। इससे पहले कभी भी किसी आयुक्त ने मेयर को इस तरह से नहीं कहा। अब मेयर को अपनी स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। वहीं मेयर ने अपनी गलती एक्सईएन के कंधों पर डाल दी। यह लोगों से विश्वासघात है, जो भाजपा ने 2016 में किया था।
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किसी कार्य के उद्घाटन के लिए मेयर रविकांत शर्मा को तैयारी करानी थी। इसके लिए मेयर ने सीधे चीफ इंजीनियर को पत्र लिख दिया। इस पर तत्कालीन आयुक्त ने 22 जुलाई के एक पत्र का हवाला देते हुए कहा कि चीफ इंजीनियर ने काम के लिए अनुमति मांगी है। इसमें मेयर दफ्तर से एक पत्र सीधे चीफ इंजीनियर को लिखा गया है। पंजाब नगर निगम अधिनियम के अनुसार, सभी प्रकार की शक्तियां आयुक्त के पास होती हैं। किसी भी कार्य के लिए अनुमति या जानकारी सीधे आयुक्त से मांगी जाती है, न कि उसके अधीनस्थ कर्मचारी से। इस पर मेयर ने जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर नियमों की अवहेलना नहीं की है। पुराने आदेशों के आधार पर और एक्सईएन की सलाह पर इस तरह की गलती हुई है। यह सिर्फ एक गलतफहमी थी। भविष्य में संबंधित अधिकारी को ही पत्र लिखा जाएगा।
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बंसल बोले-भाजपा ने गिराई निगम की प्रतिष्ठा
वहीं, पूर्व सांसद पवन बंसल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा ने निगम की गरिमा और प्रतिष्ठा को गिराया है। इससे पहले कभी भी किसी आयुक्त ने मेयर को इस तरह से नहीं कहा। अब मेयर को अपनी स्थिति भी स्पष्ट हो गई है। वहीं मेयर ने अपनी गलती एक्सईएन के कंधों पर डाल दी। यह लोगों से विश्वासघात है, जो भाजपा ने 2016 में किया था।
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