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पंजाब में नगर निगमों के मेयर भी कार पर लगा सकेंगे लाल बत्ती
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Jan 2016 09:41 AM IST
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अब पंजाब के नगर निगमों के मेयर अपनी सरकारी गाड़ियों पर लाल बत्ती लगा सकेंगे। मेयरों की विनती पर मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने इसे मंजूरी दे दी है।
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उन्होंने ट्रांसपोर्ट विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश दिए कि वह इसके लिए जरूरी हिदायतें तुरंत जारी करें। बादल ने पंजाब स्टेट काउंसिल ऑफ मेयर्स के दल के साथ बैठक की। इसमें पंजाब के निगमों के अलावा चंडीगढ़ के मेयर भी शामिल हुए।
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बादल ने कहा कि मेयरों को पूरा मान-सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने निकाय विभाग के सचिव को निर्देश दिए कि आम प्रशासन विभाग के साथ तुरंत तालमेल करके मेयरों के रुतबे व प्रोटोकाल को स्पष्ट परिभाषित करने को दिशा-निर्देश जारी करें।
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बादल ने मेयरों से कहा कि वे संवैधानिक संस्थाओं की अगुवाई कर रहे हैं, इसलिए जिलों में पुलिस व प्रशासन की ओर से पूरे सम्मान के साथ नवाजे जाने के हकदार हैं। सीएम ने निकाय विभाग के सचिव को कहा कि डीसी, एसएसपी व जिले के विभाग प्रमुखों को इस बारे में विस्तृत हिदायतें जारी की जाएं।
सरकारी स्तर पर मीटिंग की कार्रवाई और निकाय विभाग द्वारा जारी हिदायतों की जानकारी भी मेयरों को देने के लिए कहा गया। मेयरों की मांग पर उन्हें जिला शहरी बुनियादी ढांचा कमेटियों में बतौर मेंबर शामिल करने के निर्देश दिए गए। निकाय विभाग के सचिव को इस संबंध में सभी डीसी को हिदायतें जारी करने के निर्देश दिए गए।
बादल ने प्रमुख सचिव वित्त को कहा कि शराब पर अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी से आए 422 करोड़ रुपये निगमों को जारी किए जाएं। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के लिए निगमों की हिस्सेदारी भी जारी की जाए, ताकि निगम सफाई के काम और अच्छे ढंग से कर सकें।
बादल ने पावरकॉम के चेयरमैन से कहा कि निगमों को कॉमर्शियल रेट पर बिजली देने पर विचार किया जाए, क्योंकि वे लोक हित में स्ट्रीट लाइट जलाते हैं। डीजीपी को निर्देश दिए गए कि अवैध कब्जे हटाने को बिना अदायगी के निगमों को फोर्स दी जाए।
सीएम ने मेयरों से अपील की कि वे मौजूदा स्रोतों का अच्छे ढंग से इस्तेमाल कर अतिरिक्त वित्त का प्रबंध करें। इससे वे आत्मनिर्भर होंगे और अच्छे ढंग से लोगों को सहूलियतें दे सकेंगे।