बटाला: बेहद हंसमुख थे शहीद मनदीप, बातों-बातों में बना लेते थे अपना, लाडले की शहादत पर रो रहा पूरा गांव
बुधवार को पंजाब के बटाला के गांव चट्ठा में शहीद मनदीप सिंह का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी भी अंतिम यात्रा में शामिल होंगे।
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बटाला के गांव चट्ठा के रहने वाले शहीद सैनिक मनदीप सिंह बड़े ही हंसमुख स्वभाव के थे। वह बातों-बातों में किसी को भी अपना बना लेते थे। मन में किसी के प्रति कोई द्वेष भावना ही नहीं थी। वह फौजी जरूर थे लेकिन मन इतना कोमल कि किसी का भी दुख को देखकर पिघल जाते थे। ऐसा कहना है कैथल (हरियाणा) से गांव चट्ठा पहुंचे शहीद मनदीप सिंह के मौसा अनूप सिंह का। मनदीप की शहादत पर पूरा गांव रो रहा है। किसी को यकीन नहीं हो पा रहा है कि अब मनदीप उनके बीच नहीं है।
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शहीद मनदीप सिंह का पार्थिव शरीर बुधवार को पैतृक गांव चट्ठा पहुंचेगा। अंतिम संस्कार में सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी शामिल होंगे। सोमवार को जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे, जिसमें बटाला के गांव चट्ठा के मनदीप सिंह भी शामिल थे।
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मंगलवार को मौसा अनूप सिंह ने बताया कि रविवार रात को उसने मनदीप को फोन लगाया लेकिन मनदीप का फोन नहीं लगा तो उन्होंने मनदीप के बड़े भाई जगरूप सिंह को फोन लगाया और उससे पूछा कि मनदीप का फोन नहीं लग रहा। उस समय उन्हें बार-बार मनदीप की याद आ रही थी।
तभी सोमवार दोपहर को मनदीप के शहीद होने की खबर ने उनको झकझोर कर रख दिया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि सरकार शहीद के परिवार को ज्यादा से ज्यादा सहायता प्रदान करे और शहीद की विधवा पत्नी और उसके बच्चों के बारे में सोचे। वहीं बड़े भाई जगरूप सिंह ने भी मनदीप सिंह को हंसमुख स्वभाव का धनी बताया।
उन्होंने कहा कि वह उनके साथ एक बड़े भाई जैसा ही नहीं, बल्कि एक दोस्त जैसा व्यवहार करता था। जगरूप सिंह ने बताया कि भाई मनदीप सिंह सैनिक के साथ-साथ फुटबाल का बढ़िया खिलाड़ी था। मनदीप सिंह की शहादत की खबर के बाद से ही घर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शहीद के घर ग्रामीण और रिश्तेदार लगातार सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। शहीद की पत्नी मनदीप कौर और मां मनजीत कौर कभी रोतीं-बिलखतीं हैं और फिर बेसुध हो जाती हैं। शहीद मनदीप के दोनों बेटे घर में रोते-बिलखते लोगों को देख सहमे हैं। वहीं गांव के लोग और रिश्तेदार शहीद मनदीप की मां और पत्नी को हौसला दे रहे हैं।
बुधवार को होगा शहीद मनदीप सिंह का अंतिम संस्कार
मंगलवार को गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इश्फाक भी पारिवारिक सदस्यों से दुख व्यक्त करने शहीद के गांव पहुंचे। डीसी ने बताया कि सरकार की तरफ से जो भी सरकारी सुविधाएं बनती हैं, वे परिवार को दी जाएंगी। डीसी ने आगे कहा कि परिवार के लिए पैसा अथवा सरकारी नौकरी मनदीप सिंह की कमी को पूरा नहीं कर सकती।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को आर्मी की एक टुकड़ी शहीद मनदीप का पार्थिव शरीर लेकर राजौरी से चल पड़ी हैं। मंगलवार रात वह जम्मू पहुंचेंगे और बुधवार को शहीद का पार्थिव शरीर पैतृक गांव चट्ठा पहुंचेगा, जहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।