फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Many workers working in the PU XEN department were not paid

पीयू एक्सईएन विभाग में काम करने वाले कई वर्कर्स को पगार नहीं मिली

Tue, 19 May 2020 02:18 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 19 May 2020 02:18 AM IST
विज्ञापन
Many workers working in the PU XEN department were not paid
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में ठेकेदार के अधीन काम कर रहे 12 से 15 वर्कर्स को फरवरी से पगार नहीं मिली। इसके कारण उनका परिवार भुखमरी के कगार पर पहुंच गया है। खाने तक के लाले पड़े हैं। न ठेकेदार बात सुन रहे हैं और न कोई अन्य अधिकारी। उन्होंने पीयू वीसी को पत्र लिखा है कि उनका पैसा दिलवाया जाए ताकि परिवार का पालन-पोषण हो सके। पत्र में उन्होंने लिखा है कि तीन माह से उनको वेतन नहीं मिला है। वह ठेकेदार के अंडर एक्सईएन ऑफिस में मेंटेनेंस का कार्य कर रहे थे। कई बार ठेकेदार से कहा गया, लेकिन पैसे नहीं मिले। कई अन्य अधिकारियों से भी कहा। उन्होंने समस्या के समाधान की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे भुखमरी के कगार पर हैं। उनके पास दूध लाने तक के पैसे नहीं हैं।
विज्ञापन

उधर, इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 में एक कंपनी ने दर्जनों वर्कर्स का फरवरी व मार्च माह का वेतन नहीं दिया। इसको लेकर वर्कर्स इकट्ठा हुए। वर्कर्स की सपोर्ट में वहां एक छात्र संगठन नौजवान सभा भी आ गया। उन्होंने भी सोमवार को फैक्ट्री संचालकों से पैसे देने की मांग की, लेकिन वर्कर्स को पैसे नहीं मिले। इससे सभी में आक्रोश है। उन्होंने डीसी को भी पत्र लिखा है। साथ ही वर्कर्स को पैसे दिलाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि वर्कर्स में गुस्सा पनप रहा है। वह कभी भी उग्र प्रदर्शन कर सकते हैं। वहीं, इंडस्ट्रियल एरिया फेज 2 में लेबर कमिश्नर भी पहुंच गए। उन्होंने मंगलवार को वर्कर्स को अपने दफ्तर बुलाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed