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Chandigarh News: गणेशोत्सव पर बन रहे हैं कई खास योग
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चंडीगढ़। गणेशोत्सव 27 अगस्त से शुरू हो रहा है। इस बार गणेशोत्सव कई विशेष योग बन रहे हैं। गणेशोत्सव पर शुभ, शुक्ल, सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग का संयोग बन रहा है। इस योग में भगवान की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होंगी। सुख-शांति और समृद्धि में वृद्धि होगी। हस्त और चित्रा नक्षत्र संयोग को और शुभ बनाएंगे। यह कहना है सेक्टर-40 के श्री राधा कृष्ण मंदिर के पुजारी आचार्य भगवती प्रसाद रतूड़ी का। उन्होंने कहा कि यह पर्व रिद्धि-सिद्धि के दाता भगवान गणेश को समर्पित है। यह पर्व भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से शुरू होता है। इसका समापन भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को होता है।
पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर एक बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त दोपहर बाद तीन बजकर 44 मिनट तक रहेगी इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त दिन बुधवार को मनाया जाएगा।
मध्याह्न काल में गणपति स्थापना का है महत्व
शास्त्रों में मध्याह्न काल को गणपति स्थापना का सबसे शुभ समय माना गया है। मान्यता के अनुसार इस समय भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस साल गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर पांच मिनट से दोपहर एक बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
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अनंत चतुर्दशी को होता है भगवान का विसर्जन: रसिक महाराज
नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि 27 अगस्त को भगवान गणेश की पूजा-अर्चना होगी। भगवान गणेश की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा है। अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर को है।
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पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास की चतुर्थी तिथि 26 अगस्त को दोपहर एक बजकर 54 मिनट से शुरू होकर 27 अगस्त दोपहर बाद तीन बजकर 44 मिनट तक रहेगी इसलिए गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त दिन बुधवार को मनाया जाएगा।
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मध्याह्न काल में गणपति स्थापना का है महत्व
शास्त्रों में मध्याह्न काल को गणपति स्थापना का सबसे शुभ समय माना गया है। मान्यता के अनुसार इस समय भगवान गणेश का जन्म हुआ था। इस साल गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त 27 अगस्त को सुबह 11 बजकर पांच मिनट से दोपहर एक बजकर 40 मिनट तक रहेगा।
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अनंत चतुर्दशी को होता है भगवान का विसर्जन: रसिक महाराज
नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज ने बताया कि 27 अगस्त को भगवान गणेश की पूजा-अर्चना होगी। भगवान गणेश की पूजा से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान गणेश का विसर्जन अनंत चतुर्दशी के दिन होगा है। अनंत चतुर्दशी 6 सितंबर को है।