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पीयू ने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के कई आवेदन किए रद्द
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के अलग-अलग विभागों के विद्यार्थियों ने फरवरी 2021 में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए साल 2020-21 का आवेदन किया था। अब पीयू प्रशासन ने एक अस्वीकृत छात्रवृत्ति फॉर्म सूची जारी की है। इस सूची में पीयू के कई ऐसे विद्यार्थियों के नाम है, जिन्होंने पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया था।
इस बारे में विद्यार्थियों की ओर से पूछे जाने पर पीयू प्रशासन ने जवाब दिया कि आय प्रमाण पत्र जमा नहीं करने के कारण उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों को एक साल पहले अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कोटे के तहत प्रवेश मिला है। इन सभी विद्यार्थियों ने अपने विभाग से संबंधित शिक्षक को पहले वर्ष में ही सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए थे। इसे लेकर पीयू की एबीवीपी इकाई ने सोमवार को वीसी को ज्ञापन सौंपा है।
एबीवीपी ने पत्र में लिखा है कि जिन आवेदकों की छात्रवृत्ति खारिज की गई है, उनके परिवार की वित्तीय स्थिति बहुत कमजोर है। विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है और कोविड-19 के कारण उनका जीवन बहुत प्रभावित हुआ है। वह वित्तीय संकट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे कि कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के संक्रमण के साथ चीजें अब दोबारा कठिन होती जा रही हैं। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति लगभग 75 फीसदी फीस को कवर करती है, जो कि ये विद्यार्थी भरने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए यह उनके पाठ्यक्रम को छोड़ने का कारण बन सकता है।
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पीयू इकाई प्रधान अमित पूनियां ने कहा है कि पीयू प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द अस्वीकृत आवेदकों की छात्रवृत्ति को दोबारा प्रदान करने का कार्य करे। पीयू एबीवीपी इकाई के सचिव शौर्य मेहरा ने कहा कि पहले भी पंजाब में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। अब पंजाब विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति रद्द की जा रही है। पीयू प्रशासन अगर छात्रवृत्ति नहीं जारी करता तो विद्यार्थियों की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा।
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इस बारे में विद्यार्थियों की ओर से पूछे जाने पर पीयू प्रशासन ने जवाब दिया कि आय प्रमाण पत्र जमा नहीं करने के कारण उनका आवेदन खारिज कर दिया गया है। इन विद्यार्थियों को एक साल पहले अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति कोटे के तहत प्रवेश मिला है। इन सभी विद्यार्थियों ने अपने विभाग से संबंधित शिक्षक को पहले वर्ष में ही सभी आवश्यक दस्तावेज सौंप दिए थे। इसे लेकर पीयू की एबीवीपी इकाई ने सोमवार को वीसी को ज्ञापन सौंपा है।
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एबीवीपी ने पत्र में लिखा है कि जिन आवेदकों की छात्रवृत्ति खारिज की गई है, उनके परिवार की वित्तीय स्थिति बहुत कमजोर है। विद्यार्थियों के परिवार की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से कम है और कोविड-19 के कारण उनका जीवन बहुत प्रभावित हुआ है। वह वित्तीय संकट से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे कि कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के संक्रमण के साथ चीजें अब दोबारा कठिन होती जा रही हैं। पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति लगभग 75 फीसदी फीस को कवर करती है, जो कि ये विद्यार्थी भरने में सक्षम नहीं हैं, इसलिए यह उनके पाठ्यक्रम को छोड़ने का कारण बन सकता है।
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पीयू इकाई प्रधान अमित पूनियां ने कहा है कि पीयू प्रशासन को चाहिए कि जल्द से जल्द अस्वीकृत आवेदकों की छात्रवृत्ति को दोबारा प्रदान करने का कार्य करे। पीयू एबीवीपी इकाई के सचिव शौर्य मेहरा ने कहा कि पहले भी पंजाब में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति घोटाला सामने आया था। अब पंजाब विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति रद्द की जा रही है। पीयू प्रशासन अगर छात्रवृत्ति नहीं जारी करता तो विद्यार्थियों की ओर से प्रदर्शन किया जाएगा।