Chandigarh News: 250 गज के मकानों पर भी सोलर पावर प्लांट लगाना होगा अनिवार्य, भेजा गया प्रस्ताव
चंडीगढ़ पर्यावरण विभाग बिना खर्च घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए रेस्को मॉडल लेकर आया था। अब तक इसे शहर में लागू नहीं किया गया है क्योंकि मॉडल को लागू करने से पहले क्रेस्ट को संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) से मंजूरी लेनी है।
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चंडीगढ़ में 500 गज से ज्यादा के मकानों में सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य है। ज्यादातर लोगों ने अपने घरों पर प्लांट लगा लिए हैं जिससे उन्हें काफी लाभ भी हो रहा है। इसे देखते हुए पर्यावरण विभाग ने अब फैसला लिया है कि 10 मरला (250 गज) के अधिक के मकानों पर भी सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा। विभाग का कहना है कि लोगों को काफी फायदा होगा।
पर्यावरण विभाग के निदेशक देबेंद्र दलाई ने बताया कि 500 गज से ज्यादा के मकानों मे सोलर पावर प्लांट लगाने को अनिवार्य किए जाने के बाद लोगों को काफी फायदा हुआ है। विभाग की यह कोशिश है कि यह लाभ 250 गज से ज्यादा के मकान मालिकों को भी मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक बार जिस भी व्यक्ति ने अपने घर पर सोलर पावर प्लांट लगाया है उसका बिजली का बिल काफी कम या शून्य हो गया है।
इसके कई अन्य फायदे भी हैं। इसलिए यह प्रस्ताव बनाया गया है और एस्टेट ऑफिस को भेजा गया है। इसे लागू करने के लिए बिल्डिंग बायलॉज में भी संशोधन करने की जरूरत होगी इसलिए एस्टेट ऑफिस के अधिकारियों के साथ चर्चा चल रही है। उन्होंने बताया कि इमारत पर न्यूनतम क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट लगाने की शर्त में भी संशोधन करने जा रहे हैं। इस नियम की वजह से यह हुआ है कि जिन इमारतों की क्षमता ज्यादा है, वह भी न्यूनतम क्षमता वाला सोलर पावर प्लांट ही लगा रहे हैं। इसलिए इमारत की फिजिबिलिटी स्टडी होगी और जितनी भी क्षमता उस इमारत की होगी, उतने का सोलर पावर प्लांट लगाने का सुझाव दिया जाएगा।
जेईआरसी की मंजूरी के इंतजार में है रेस्को मॉडल
चंडीगढ़ पर्यावरण विभाग बिना खर्च घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के लिए रेस्को मॉडल लेकर आया था। अब तक इसे शहर में लागू नहीं किया गया है क्योंकि मॉडल को लागू करने से पहले क्रेस्ट को संयुक्त विद्युत नियामक आयोग (जेईआरसी) से मंजूरी लेनी है। इस मॉडल के तहत बिना किसी खर्च के लोगों के घर की छत पर कंपनी की तरफ से सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे घर में रहने वाले उस बिजली को इस्तेमाल भी कर सकेंगे और उसे बेच कर कमाई भी कर सकेंगे।
सरकारी
वर्तमान नियम: इसके तहत जिस सरकारी इमारत, दफ्तर, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी आदि का बिजली लोड 30 किलोवाट से ज्यादा है, उन्हें कम से कम दो किलोवाट का सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य है।
प्रस्तावित: सभी सरकारी इमारत, दफ्तर, कॉलेज, शिक्षण संस्थान, यूनिवर्सिटी आदि में सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा, चाहे उनका बिजली लोड कितना भी हो।
निजी
वर्तमान नियम: जिन निजी शिक्षण संस्थान, स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, टेक्निकल वोकेशनल एजुकेशन इंस्टीट्यूट व यूनिवर्सिटी आदि का बिजली लोड 30 किलोवाट से ज्यादा है, उन्हें कम से कम 5 किलो वाट का सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य है।
प्रस्तावित: सभी निजी शिक्षण संस्थान, स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, टेक्निकल वोकेशनल एजुकेशन इंस्टीट्यूट व यूनिवर्सिटी आदि में सोलर पावर प्लांट लगाना अनिवार्य होगा, चाहे उनका बिजली लोड कितना भी हो।