{"_id":"5727b4324f1c1ba6155cd558","slug":"man-convicted-kidnapping-case-court-news-victim-minor-student-juvenile-court-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग छात्रा के अपहरण में युवक दोषी करार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग छात्रा के अपहरण में युवक दोषी करार
ब्यूरो, चंडीगढ़
Updated Tue, 03 May 2016 11:17 AM IST
विज्ञापन
बच्ची के साथ बलात्कार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की एक 15 वर्षीय नाबालिग के अपहरण मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने कॉलोनी नंबर-4 निवासी राम परवेश को दोषी करार दिया है। अदालत उसे 4 मई को सजा सुनाएगी। मामले में दो आरोपी थे, दूसरे नाबालिग आरोपी के खिलाफ जुवेनाइल कोर्ट में केस चल रहा है।
मामले के अनुसार शहर निवासी एक व्यक्ति ने 26 मार्च 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दी शिकायत में कहा था कि वह भूषण फैक्टरी में काम करता है और यहां परिवार समेत रहता है। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। उसके अनुसार घटना वाले दिन उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से सुबह स्कूल के लिए निकली थी। वह पास के ही सरकारी स्कूल में 7वीं की छात्रा थी।
शाम तक जब उसकी बेटी वापस नहीं आई तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को मूलरूप से देवरिया (यूपी) निवासी राम परवेश बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि नाबालिग के अपहरण में वहीं के एक नाबालिग ने मदद की थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह नाबालिग को यूपी अपने पैतृक गांव ले गया है।
विज्ञापन
पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर एक टीम यूपी भेजी, लेकिन वहां उसका कुछ पता नहीं चला। 3 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी राम परवेश को एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नाबालिग भी मिल गई। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और आपराधिक साजिश की धारा में राम परवेश और नाबालिग आरोपी के खिलाफ संबंधित केस दर्ज किया था।
विज्ञापन
मामले के अनुसार शहर निवासी एक व्यक्ति ने 26 मार्च 2015 को इंडस्ट्रियल एरिया थाने में दी शिकायत में कहा था कि वह भूषण फैक्टरी में काम करता है और यहां परिवार समेत रहता है। उसके चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। उसके अनुसार घटना वाले दिन उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से सुबह स्कूल के लिए निकली थी। वह पास के ही सरकारी स्कूल में 7वीं की छात्रा थी।
विज्ञापन
शाम तक जब उसकी बेटी वापस नहीं आई तो उन्होंने खोजबीन शुरू की। उन्हें पता चला कि उनकी बेटी को मूलरूप से देवरिया (यूपी) निवासी राम परवेश बहला फुसलाकर कहीं ले गया है। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि नाबालिग के अपहरण में वहीं के एक नाबालिग ने मदद की थी। पुलिस ने उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह नाबालिग को यूपी अपने पैतृक गांव ले गया है।
विज्ञापन
पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर एक टीम यूपी भेजी, लेकिन वहां उसका कुछ पता नहीं चला। 3 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी राम परवेश को एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से नाबालिग भी मिल गई। पुलिस ने नाबालिग के अपहरण और आपराधिक साजिश की धारा में राम परवेश और नाबालिग आरोपी के खिलाफ संबंधित केस दर्ज किया था।