विधायक से मारपीट : भाजपा ने मलोट व अबोहर किया बंद, अश्वनी शर्मा बोले- हमले में कांग्रेस सरकार की मिलीभगत
अबोहर से भारतीय जनता पार्टी के विधायक अरुण नारंग से मारपीट और निर्वस्त्र करने के मामले को लेकर पूरे पंजाब में प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं मंगलवार को भाजपा की ओर से अबोहर बंद कराया गया। सुबह से ही पूरे शहर की दुकानें मुकम्मल बंद रहीं। सदर बाजार चौक पर भाजपा के सभी कार्यकर्ता और पदाधिकारी बड़ी संख्या में जुटे और पूरे शहर में रैली निकाली। इसके बाद सदर बाजार चौक पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंकते हुए नारेबाजी की। 27 मार्च को विधायक नारंग के साथ हुई मारपीट के बाद 28 मार्च को पंजाब के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने अरुण नारंग के निवास पर बैठक कर मामले की निंदा की थी। बैठक में ही 30 मार्च को अबोहर मुकम्मल बंद रखने का एलान किया गया था।
मलोट में भाजपा के बंद का असर, कुछ दुकानें ही खुलीं
उधर, सोमवार को मलोट बंद के आह्वान पर लगभग सभी दुकानदारों ने दुकानें बंद रखीं। खेस बाजार में कुछ दुकानें खुली देखीं गईं। वहीं मामले के विरोध में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में रोष मार्च निकला। इस दौरान भाजपा पंजाब के सचिव सुखपाल सरा व जिला प्रभारी सुनीता गर्ग, जिला प्रधान राजेश गोरा पठेला, वरिष्ठ नेता ओम प्रकाश मिड्ढा, पंजाब कार्यकारिणी सदस्य सतीश असीजा मौजूद रहे।
उधर, पुलिस की ओर से किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों के विरोध में विभिन्न किसान संगठनों ने मलोट-बठिंडा-अबोहर त्रिकोणी चौक पर धरना दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि पुलिस किसानों को नाजायज परेशान कर रही है। उन्होंने पुलिस की ओर से दर्ज किए गए मामले रद्द करने की मांग की। किसानों का यह धरना देर शाम तक चलता रहा। एसपी राजपाल सिंह के आश्वासन के बाद शाम करीब सात बजे धरना समाप्त हुआ।
हमले में कांग्रेस सरकार की मिलीभगत : अश्वनी
मलोट में भाजपा विधायक पर हमला होना पूरी विधानसभा पर हमले के समान है। इससे पहले उन पर भी हमला हो चुका है। इन हमलों के पीछे सीधे तौर पर कांग्रेस सरकार की मिलीभगत है। कैप्टन अमरिंदर सिंह इन हमलों की निंदा तो जरूर करते हैं लेकिन अंत में दो लाइन बोल हमला करने वालों के सीधे तौर पर बढ़ावा देते हैं। ये कहना है भाजपा प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा का। वे मंगलवार को लुधियाना में प्रदेश भाजपा कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे थे।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को विरोध करने का हक है लेकिन किसी के कार्यक्रम में जाकर खलल डालने का अधिकार किसी को नहीं दिया गया है। इन हमलों के पीछे गुंडातत्व हैं, जो पंजाब के माहौल को खराब करना चाहता है। इन्हें संरक्षण प्राप्त है। हमला रोकने में पंजाब की कैप्टन सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। मॉब लिंचिंग का मुद्दा उठाने वाले अब मलोट प्रकरण के बाद क्यों चुप बैठे हैं। इस मुद्दे पर भाजपा ने राज्यपाल को ज्ञापन देकर प्रदेश सरकार को बर्खास्त करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भाजपा हमलों से डरने वाली नहीं है। भाजपा कार्यकर्ता एक सिपाही की तरह अपना काम करते रहेंगे।