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Chandigarh News: खालिस्तान कमांडो फोर्स के दो आरोपियों से हुए बड़े खुलासे, नेताओं की सुरक्षा खतरे में
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लुधियाना। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) के दो आरोपियों करणबीर सिंह और अवतार सिंह को गिरफ्तार किया, जिनसे पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पंजाब की प्रमुख सरकारी इमारतों और कई नेताओं की रेकी कर अपनी विदेश स्थित आकाओं को जानकारी मुहैया करवाई थी।
अवैध संपर्क और साजिश की योजना
पुलिस के मुताबिक, करणबीर सिंह होजरी व्यवसायी है और अवतार सिंह कोर्ट परिसर में बतौर एजेंट काम करता था। दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से खालिस्तान कमांडो फोर्स के कट्टरपंथी हैंडलर कुलवंत सिंह मान खालसा के संपर्क में आए थे। कुलवंत सिंह ने दोनों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया और उन्हें वाट्सएप ग्रुप में शामिल किया। इसके बाद, आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी इमारतों और प्रमुख नेताओं की रेकी की और यह जानकारी अपने विदेश में बैठे आकाओं को दी।
विदेश में बैठक हैंडलर्स से मिल रहे थे आदेश
यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों के पास विदेश में स्थित खालिस्तान समर्थक समूहों से जुड़े हैंडलर्स का आदेश था कि वे कुछ व्यक्तियों से संबंधित इनपुट एकत्र करें। इन कार्यों के तहत, आरोपियों ने पंजाब में विभिन्न सरकारी दफ्तरों और नेताओं की निगरानी की। पुलिस को आशंका है कि यह गतिविधियां एक बड़ी आतंकवादी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं, जिसका उद्देश्य पंजाब में अस्थिरता फैलाना था।
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नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने के प्रयास
पुलिस अब आरोपियों से उनके आकाओं के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है, खासकर कुलवंत सिंह मान खालसा के बारे में। प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी ब्रिटेन और जर्मनी में बैठे खालिस्तानी आकाओं के सीधे संपर्क में थे। पुलिस आरोपियों के परिवार से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इस मामले के उजागर होने के बाद पुलिस उन नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटी है, जिनकी रेकी की गई थी। हालांकि, पुलिस ने इन नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं लेकिन सुरक्षा बढ़ाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है।
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अवैध संपर्क और साजिश की योजना
पुलिस के मुताबिक, करणबीर सिंह होजरी व्यवसायी है और अवतार सिंह कोर्ट परिसर में बतौर एजेंट काम करता था। दोनों सोशल मीडिया के माध्यम से खालिस्तान कमांडो फोर्स के कट्टरपंथी हैंडलर कुलवंत सिंह मान खालसा के संपर्क में आए थे। कुलवंत सिंह ने दोनों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित किया और उन्हें वाट्सएप ग्रुप में शामिल किया। इसके बाद, आरोपियों ने लुधियाना में सरकारी इमारतों और प्रमुख नेताओं की रेकी की और यह जानकारी अपने विदेश में बैठे आकाओं को दी।
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विदेश में बैठक हैंडलर्स से मिल रहे थे आदेश
यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपियों के पास विदेश में स्थित खालिस्तान समर्थक समूहों से जुड़े हैंडलर्स का आदेश था कि वे कुछ व्यक्तियों से संबंधित इनपुट एकत्र करें। इन कार्यों के तहत, आरोपियों ने पंजाब में विभिन्न सरकारी दफ्तरों और नेताओं की निगरानी की। पुलिस को आशंका है कि यह गतिविधियां एक बड़ी आतंकवादी साजिश का हिस्सा हो सकती हैं, जिसका उद्देश्य पंजाब में अस्थिरता फैलाना था।
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नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने के प्रयास
पुलिस अब आरोपियों से उनके आकाओं के बारे में जानकारी जुटाने में जुटी है, खासकर कुलवंत सिंह मान खालसा के बारे में। प्रारंभिक जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी ब्रिटेन और जर्मनी में बैठे खालिस्तानी आकाओं के सीधे संपर्क में थे। पुलिस आरोपियों के परिवार से भी पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इस मामले के उजागर होने के बाद पुलिस उन नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों में जुटी है, जिनकी रेकी की गई थी। हालांकि, पुलिस ने इन नेताओं के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं लेकिन सुरक्षा बढ़ाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है।