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Chandigarh News: मजीठिया नाभा जेल की बैरक में अन्य कैदियों के साथ रहेंगे
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-अदालत ने दिए पुख्ता सुरक्षा के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया नाभा जेल में अन्य विचाराधीन कैदियों के साथ एक ही बैरक में रहेंगे। बुधवार को एक स्थानीय अदालत ने अलग सेल की उनकी याचिका खारिज कर दी। इस अनुरोध को खारिज करते हुए अदालत ने पंजाब सरकार और जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च न्यायालय के निर्देशों और जेल नियमावली के अनुसार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
हालांकि मजीठिया को आंशिक राहत मिली क्योंकि अदालत ने उन्हें सप्ताह में दो बार एक अलग कमरे में परिवार के सदस्यों और वकीलों से मिलने की अनुमति दे दी। उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि यह अनुमति परिवार की ओर से मंजूरशुदा 10 व्यक्तियों तक विस्तारित है जिसमें उनकी कानूनी टीम भी शामिल है और ये मुलाकातें आमने-सामने होंगी।
एक और महत्वपूर्ण आदेश मामले के दस्तावेजों के मुद्दे पर आया। अदालत ने सतर्कता ब्यूरो को मजीठिया और उनके वकीलों को आरोप पत्र (चालान) की एक प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कलेर ने कहा विजिलेंस ने अदालत में कागजों से भरे ट्रक जमा करके एक तमाशा खड़ा कर दिया था यह तर्क देते हुए कि चालान इतना भारी है कि उसकी एक प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। अदालत ने अब उन्हें चालान सौंपने का निर्देश दिया है। कलेर ने अपने मुवक्किल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और आपराधिक गिरोहों और राष्ट्र-विरोधी एजेंसियों से खतरे का हवाला दिया। अदालत ने इन आशंकाओं पर ध्यान दिया और राज्य सरकार से जेल परिसर के अंदर सुरक्षा उपाय बढ़ाने को कहा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया नाभा जेल में अन्य विचाराधीन कैदियों के साथ एक ही बैरक में रहेंगे। बुधवार को एक स्थानीय अदालत ने अलग सेल की उनकी याचिका खारिज कर दी। इस अनुरोध को खारिज करते हुए अदालत ने पंजाब सरकार और जेल अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उच्च न्यायालय के निर्देशों और जेल नियमावली के अनुसार शिरोमणि अकाली दल (शिअद) नेता के लिए पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।
हालांकि मजीठिया को आंशिक राहत मिली क्योंकि अदालत ने उन्हें सप्ताह में दो बार एक अलग कमरे में परिवार के सदस्यों और वकीलों से मिलने की अनुमति दे दी। उनके वकील अर्शदीप सिंह कलेर ने कहा कि यह अनुमति परिवार की ओर से मंजूरशुदा 10 व्यक्तियों तक विस्तारित है जिसमें उनकी कानूनी टीम भी शामिल है और ये मुलाकातें आमने-सामने होंगी।
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एक और महत्वपूर्ण आदेश मामले के दस्तावेजों के मुद्दे पर आया। अदालत ने सतर्कता ब्यूरो को मजीठिया और उनके वकीलों को आरोप पत्र (चालान) की एक प्रति उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कलेर ने कहा विजिलेंस ने अदालत में कागजों से भरे ट्रक जमा करके एक तमाशा खड़ा कर दिया था यह तर्क देते हुए कि चालान इतना भारी है कि उसकी एक प्रति उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। अदालत ने अब उन्हें चालान सौंपने का निर्देश दिया है। कलेर ने अपने मुवक्किल की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और आपराधिक गिरोहों और राष्ट्र-विरोधी एजेंसियों से खतरे का हवाला दिया। अदालत ने इन आशंकाओं पर ध्यान दिया और राज्य सरकार से जेल परिसर के अंदर सुरक्षा उपाय बढ़ाने को कहा।
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