पंजाबः इंतजार करते रहे अधिकारी, नहीं पहुंचे मतदाता, ये वजह आई सामने
फिरोजपुर के छावनी स्थित ग्रामर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने पोलिंग बूथ नंबर-61,62,63 व 64 पर शाम पौने छह बजे तक कोई मतदाता नहीं पहुंचा। यहां लगभग 4895 वोटर हैं। बूथ पर 30 मुलाजिमों का स्टाफ तैनात था।
पोलिंग बूथ इंचार्ज का कहना है कि उक्त बूथ पर सेना के जवानों के वोट थे लेकिन सुबह से कोई भी वोटर मतदान के लिए नहीं पहुंचा। उक्त बूथ पर जिन मुलाजिमों की ड्यूटी लगी थी वह सुबह से मतदाताओं का इंतजार कर रहे थे।
उधर, तहसीलदार मंजीत सिंह ने बताया कि चुनाव आयोग की तरफ से डीसी कम जिला चुनाव अधिकारी चंद्र गैंद को आदेश दिए गए थे कि ग्रामर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बने चार पोलिंग बूथों पर सुबह से कोई मतदान नहीं हुआ है।
इस संबंधी पुष्टि करने के लिए वह उक्त पोलिंग बूथ पर गए थे। वहां के स्टाफ ने बताया कि यहां पर 4895 सैनिकों व उनके परिवार के हैं। जानकारी मिली कि उक्त सेना की यूनिट यहां से शिफ्ट हो चुकी है। यूनिट शिफ्ट होने संबंधी भी वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच की जा रही है। चुनाव का बायकाट संबंधी तहसीलदार ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है। उक्त बूथ की पूरी रिपोर्ट तैयार कर चुनाव आयोग को भेजी जा रही है।
मतदान का किया बॉयकाट
बरनाला के गांधी नगर बस्ती नजदीक ट्राइडेंट फैक्टरी संघेड़ा में सीवरेज और पानी की समस्या के चलते बस्ती के लोगों ने लोकसभा चुनाव में वोट नहीं डालने का फैसला कर मतदान का बायकाट किया है। लोकसभा चुनाव के दिन चुनाव को लेकर किसी भी प्रत्याशी को वोट नहीं डाल उन्होंने अपना रोष प्रकट किया।
इस अवसर पर जगमोहन सिंह, हरप्रीत कौर, बेबी, जसवीर कौर, मलकीत कौर, सेवा सिंह, तिलक राम, अनिल कुमार, जगसीर सिंह, राजू, बिट्टू सिंह, चांद सिंह, गोविद सिंह, अमन और लाभ ने कहा कि वार्ड नंबर तीन, गांधी बस्ती में न तो सीवरेज की व्यवस्था है और ना ही पानी की व्यवस्था की गई। जिसको लेकर उनके द्वारा विगत कई माह से संघर्ष भी किया गया। लेकिन उनकी किसी ने सुध तक नहीं ली। जिसके चलते मतदान का बायकाट किया गया है।
चुनाव बायकॉट के चलते महज 207 वोट ही हुई पोल
लोक सभा हलका फरीदकोट अधीन आते कस्बा दोदा में वार्ड नंबर 1 व 2 के मतदाताओं ने चुनाव का बायकॉट कर शांत ढंग से प्रदर्शन किया। ये बायकॉट व प्रदर्शन गत दिनों सड़क हादसे में युवक मनप्रीत सिंह उर्फ काली पुत्र हरजिंदर सिंह की मौत के बाद धरना प्रदर्शन के बावजूद आरोपी पर कार्रवाई न होने के रोषस्वरुप किया गया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क हादसे में मृतक मनप्रीत के आरोपी के खिलाफ पुलिस ने धरने के बाद दबाव में आकर मामला तो दर्ज कर लिया मगर कोई कार्रवाई नहीं की। और तो और किसी दल के नेता ने उनका समर्थन तक नहीं किया।
हालांकि उन्होंने मतदान के 24 घंटे पहले ही बायकॉट की चेतावनी दे दी थी मगर किसी पार्टी के नेता या प्रशासनिक अधिकारी ने उन तक मतदान का बायकॉट का फैसला वापस लेने को नहीं कहा। इस पर रोष स्वरूप चुनाव का बायकॉट किया गया। गौरतलब है कि इन दोनों वार्ड अधीन कुल 1,117 वोटें थीं जिसमें से बायकॉट के चलते महज 207 ही वोट पड़ सके।