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लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में सीएम मनोहर के मंत्रियों और विधायकों का होगा परफॉरमेंस टेस्ट

Sun, 05 May 2019 01:41 PM IST
खुशबू गोयल मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 05 May 2019 01:41 PM IST
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Lok Sabha Elections 2019, performance test of haryana ministers and MLAs
मनोहर लाल खट्टर - फोटो : फाइल फोटो
लोकसभा चुनाव 2019 की इस परीक्षा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के मंत्रियों और विधायकों के लिटमस टेस्ट होंगे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, हरियाणा भाजपा ने सभी विधायकों और मंत्रियों को इस टेस्ट में अव्वल रहते हुए अपना-अपना हलका जीतकर सभी सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत को आसान बनाने के निर्देश दे दिए हैं।
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मनोहर के विधायकों के लिए ये टारगेट इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि पांच महीने बाद हरियाणा के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में यदि सभी भाजपा विधायक अपना-अपना हलका जीत अपना दमखम दिखाते हैं, तभी वे फिर से विधानसभा चुनाव में टिकट के प्रबल दावेदार माने जाएंगे।
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हरियाणा की 90 विधानसभा क्षेत्रों की स्थिति यदि देखी जाए तो 48 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। इंडियन नेशनल लोकदल ने 19 सीटें जीती थी। लेकिन इनेलो के पास आज सिर्फ 10 विधायक ही बचे हैं। कांग्रेस के पास 17 सीटें हैं तो 1-1 सीट बहुजन समाज पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के पास है। जबकि 5 सीटों पर निर्दलीय विधायक काबिज है। जाहिर बात है कि इस गणित को यदि देखा जाए तो प्रदेश में भाजपा का दबदबा होना लाजिमी है।
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मगर बड़ा सवाल यह है कि साढ़े चार साल बीतने के बाद क्या भाजपा के इन विधायकों का जलवा अपने हलकों में अभी कायम है। यदि आज भी भाजपा विधायकों का सकारात्मक प्रभाव अपने-अपने हलकों पर असर डालता है, तो निसंदेह ये विधायक अपने टेस्ट में पास भी होंगे और 10 लोकसभा सीटों में से अधिकतर सीटें जीतकर मोदी की झोली में भी डालेंगे।

जीटी, अहीरवार बेल्ट में फिर दिखाना होगा भाजपाइयों को जलवा

हरियाणा में भाजपा के जीटी और अहीरवाल बेल्ट में सबसे ज्यादा विधायक मौजूद है। जीटी बेल्ट क्षेत्र में कुल 34 सीटों में से भाजपा विधायकों की संख्या 22 हैं। जबकि यहां 2 सीटों पर इनेलो, 6 सीटों पर कांग्रेस और 4 सीटों पर आजाद प्रत्याशी काबिज है। इस बेल्ट पर लोकसभा की चार सीटें अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और सोनीपत मौजूद है। पिछले लोकसभा का नतीजा देखें तो इन चारों सीटों पर भाजपा के चारों प्रत्याशी जीतकर सांसद बने थे।  इसी तरह अहीरवाल क्षेत्र में विधानसभा की कुल 27 सीटों में से 16 सीटों पर भाजपा विधायक है।

5 पर इनेलो, 1-1 सीट पर बसपा और आजाद व 4 सीटों कांग्रेस के विधायक काबिज है। लेकिन आज यदि देखे तो इनेलो से एक विधायक कांग्रेस और एक विधायक भाजपा में शामिल हो चुका है। यानी कुल मिलाकर यहां भी भाजपा मजबूत स्थिति में हैं।  इन क्षेत्र में फरीदाबाद, गुरुग्राम और भिवानी-महेंद्रगढ़ सीट आती है। पिछले लोकसभा चुनाव में इन तीनों सीटों पर भी भाजपा का ही कब्जा था। अब यदि फिर से इन सीटों पर भाजपा अपने सांसद जितवाना चाहती है, तो पूरा दारोमदार यहां के विधायकों का होगा।

इसी तरह भाजपा के शेष 10 विजेता विधायक जाटलैंड, बांगर और बागड़ क्षेत्र से हैं। ये एरिया भी 3 लोकसभा सीटों रोहतक, हिसार और सिरसा को कवर करता है। मगर पिछले लोकसभा में इनमें से 2 सीटों पर इनेलो का कब्जा था और 1 सीट पर कांग्रेस जीती थी। मगर अब इन क्षेत्रों में भाजपा को जितवाना यहां के 10 विजेता भाजपा विधायकों की नाक का सवाल होगा।
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