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लोकसभा चुनाव 2019: हरियाणा में होली के बाद ‘हल्ला’ बोलेंगे सियासी दल, साफ होगी गठबंधन की तस्वीर
Wed, 20 Mar 2019 10:40 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 20 Mar 2019 10:40 AM IST
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बीजेपी, कांग्रेस और इनेलो
- फोटो : फाइल फोटो
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लोकसभा चुनाव 2019 की घोषणा के बाद हरियाणा में सियासी माहौल तो बन चुका है लेकिन ‘चुनावी हल्ला’ होली के बाद ही बोला जाएगा। दरअसल, हरियाणा में लोकसभा चुनाव छठे चरण के अंतर्गत 12 मई को है, इसलिए सियासी दलों के पास अपनी रणनीति और मोर्चाबंदी करने के लिए पर्याप्त समय है। मगर सभी दल होली के बाद अपने चुनावी अभियानों को तेजी देते हुए खुलकर मैदान में उतर आएंगे।
इस वक्त देखा जाए तो सभी सियासी दल मंथन के मोड में है। भाजपा प्रदेश में अपने विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी रखे हुए हैं। किस सीट पर कौन सा चेहरा हो सकता है, कितने दावेदार हैं, किन केंद्रीय व स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाना है, कैसे विपक्ष के वार का जवाब देना है, चुनाव अभियान कैसे तेज करना है, इत्यादि मसलों पर प्रदेश भाजपा की बैठकों में मंथन चल रहा है।
धड़ों में बंटकर चुनाव प्रचार में जुटी हरियाणा कांग्रेस भी अब समन्वय समिति बनने के बाद एकजुट होकर सूबे में प्रचार कर सकती है। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व भी प्रयास कर रहा है। फिलहाल हर सीट पर दावेदारों और विरोधियों को घेरते हुए चुनावी अभियान को ‘धार’ कैसे देनी है, इस पर कांग्रेस का मंथन चल रहा है। इसके लिए तमाम कार्यक्रम होली के बाद के ही तय किए जा रहे हैं।
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इस वक्त देखा जाए तो सभी सियासी दल मंथन के मोड में है। भाजपा प्रदेश में अपने विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ बैठकों का दौर जारी रखे हुए हैं। किस सीट पर कौन सा चेहरा हो सकता है, कितने दावेदार हैं, किन केंद्रीय व स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच लेकर जाना है, कैसे विपक्ष के वार का जवाब देना है, चुनाव अभियान कैसे तेज करना है, इत्यादि मसलों पर प्रदेश भाजपा की बैठकों में मंथन चल रहा है।
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धड़ों में बंटकर चुनाव प्रचार में जुटी हरियाणा कांग्रेस भी अब समन्वय समिति बनने के बाद एकजुट होकर सूबे में प्रचार कर सकती है। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व भी प्रयास कर रहा है। फिलहाल हर सीट पर दावेदारों और विरोधियों को घेरते हुए चुनावी अभियान को ‘धार’ कैसे देनी है, इस पर कांग्रेस का मंथन चल रहा है। इसके लिए तमाम कार्यक्रम होली के बाद के ही तय किए जा रहे हैं।
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इनेलो और जजपा की स्थिति कुछ ऐसी है
इनेलो में विवाद से उपजी जननायक जनता पार्टी (जजपा) पहली बार लोकसभा के चुनावी रण में है। यह दल फिलहाल अपने संगठन का विस्तार करने में जुटा हुआ है। जजपा नेता दुष्यंत चौटाला के अनुसार, प्रदेश के बाद जिला और ब्लाक स्तर पर कार्यकारिणी गठित की जा रही है। होली के बाद जजपा अपना चुनाव प्रचार तेज करेगी और विरोधियों को घेरने के लिए कुछ नए चुनावी अभियान भी शुरू करेगी। इनेलो, लोसुपा और बसपा के नेता इस वक्त सीटों पर उम्मीदवारों की तलाश में जुटे हुए हैं। होली तक इन दलों ने सभी सीटों पर अपने दौरे खत्म करने हैं, ताकि होली के बाद अगले दौर में चुनाव प्रचार को गति देते हुए विरोधियों की घेराबंदी की जाए।
छटेंगे गठबंधन पर संभावनाओं के बादल
चुनाव से पहले हरियाणा में कई सियासी दलों में गठबंधन की संभावनाएं चल रही है। हरियाणा में इनेलो, भाजपा, कांग्रेस, आप, जजपा, शिअद, लोसुपा-बसपा में अलग-अलग गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हैं। लेकिन इनके गठबंधन पर अभी संभावनाओं के बादल घिरे हुए हैं, जो होली के बाद छंट जाएंगे। आप के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद कहते हैं कि जिन दलों में गठबंधन की संभावनाएं हैं, उनके बडे़ नेताओं में बातचीत तो चल रही है, लेकिन स्थिति होली के बाद ही साफ होगी।
छटेंगे गठबंधन पर संभावनाओं के बादल
चुनाव से पहले हरियाणा में कई सियासी दलों में गठबंधन की संभावनाएं चल रही है। हरियाणा में इनेलो, भाजपा, कांग्रेस, आप, जजपा, शिअद, लोसुपा-बसपा में अलग-अलग गठबंधन को लेकर अटकलें तेज हैं। लेकिन इनके गठबंधन पर अभी संभावनाओं के बादल घिरे हुए हैं, जो होली के बाद छंट जाएंगे। आप के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद कहते हैं कि जिन दलों में गठबंधन की संभावनाएं हैं, उनके बडे़ नेताओं में बातचीत तो चल रही है, लेकिन स्थिति होली के बाद ही साफ होगी।