सभी दलों ने निकाले अपने 'चुनावी अस्त्र', बिना 'खर्ची-पर्ची काम' को मनोहर लाल ने बनाया हथियार
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हरियाणा के लोकसभा चुनाव का सियासी पारा गरम मौसम के साथ चढ़ने लगा है। सियासी दल एक-दूसरे को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। सभी दलों के नेता जहां अपने प्रतिद्वंदियों को घेरने की रणनीति में जुटे हैं, वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भी सभी प्रत्याशियों को जितवाने के लिए ताकत झोंक दी है।
इसके लिए सीएम मनोहर लाल ने फिर से बिना ‘खर्ची-पर्ची काम’ को अपना हथियार बना लिया है। सीएम मोदी की छवि, केंद्र के अहम फैसलों और राष्ट्रवाद के साथ-साथ प्रदेश सरकार के सुधारों का बखान करते हुए विरोधियों पर खुलकर हमला बोल रहे हैं। सीएम अपनी जनसभाओं में उनकी प्रदेश सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में बिना खर्च (रिश्वत) और पर्ची (सिफारिश) के करवाए गए कामों पर सूबे में 10 साल से काबिज पूर्व कांग्रेस सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
कांग्रेस सरकार को घेरते हुए सीएम स्पष्ट कर रहे हैं कि पूर्व की सरकार ने युवाओं को नौकरी देकर उन्हे अपना गुलाम बनाने का काम किया है। लेकिन उनकी सरकार ने नौकरियां देने का पैटर्न ही बदलते हुए काबिलियत के बूते युवाओं को नौकरियां प्रदान की है।
ऐसा कर उनकी सरकार ने युवाओं पर कोई अहसान नहीं किया है, बल्कि काबिलियत के बूते नौकरियां युवाओं का हक था, जिसे पूर्व की सरकारों ने युवाओं को अपना गुलाम बनाने का जरिया बना रखा था। सीएम मनोहर पूर्व सीएम हुड्डा पर तल्ख टिप्पणी करने से भी चूक नहीं रहे है।
सीएम के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भले ही सोनीपत सीट से कांग्रेस प्रत्याशी है, लेकिन उन पर भी पूरे प्रदेश में कांग्रेसी प्रत्याशियों को जितवाने की जिम्मेदारी है। हुड्डा लोकसभा चुनाव में हरियाणा की समन्वय समिति के चेयरमैन है।
प्रचार के दौरान हुड्डा समेत अन्य कांग्रेसी 15 लाख रुपये खातों में न आने, युवाओं को 2 करोड़ नौकरियों का इंतजार, देश को कालेधन वापसी का इंतजार, महंगाई इत्यादि मसले पर भाजपा पर निशाना साधते हुए सत्ता वापसी के लिए मतदाताओं से गुहार लगा रहे हैं।
‘ताऊ’ ही इनेलो और जजपा के खेवनहार
चुनाव प्रचार के दौरान भले ही इनेलो और जजपा की राहें अलग हो चुकी है। लेकिन ताऊ देवीलाल ही दोनों पार्टियों के लिए प्रचार के दौरान खेवनहार बने हुए हैं। जजपा नेता एवं प्रत्याशी सांसद दुष्यंत चौटाला जहां ताऊ देवीलाल की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कहते हुए समर्थन मांग रहे हैं। तो इनेलो नेता एवं प्रत्याशी अर्जुन चौटाला मतदताओं से ताऊ की चौथी पीढ़ी का रिश्ता जोड़ने की बात कहकर वोटर्स से आशीर्वाद मांग रहे हैं। जजपा नेत्री नैना चौटाला महिला सुरक्षा व बेरोजगारी के मुद्दे पर सरकार को घेर रही है। इनेलो नेता अभय चौटाला ने किसानों की पीड़ा को मुद्दा बना रखा है।