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छोटी सी लापरवाही ने ली जान, कार बनी मासूम भाई और बहन की 'कातिल'
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा(पंजाब)
Updated Wed, 16 Aug 2017 11:33 AM IST
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कार बनी मासूम भाई और बहन की 'कातिल'
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छोटी सी लापरवाही से दो बच्चों की जान चली गई। एक कार ने मासूम भाई और बहन का 'कत्ल' कर दिया, वहीं हादसे के बाद मां का रो रोकर बुरा हाल है। घटना पंजाब के मोगा की है। कस्बा समालसर में दो मासूम बच्चों की कार में दम घुटने से मौत हो गई।
कार का मालिक उसे लॉक किए बिना खड़ी करके चला गया और दोनों बच्चे खेलते-खेलते उसमें बैठ गए। इसके बाद कार सेंटर लॉक हो गई और बच्चों का दम घुट गया। बच्चों की पहचान मीना कुमारी (9) और भानु प्रताप (7) के तौर पर हुई है।
जानकारी के अनुसार, कनाडा गए मास्टर गुरदेव सिंह के घर के पिछले कमरों में रहते बिहारी मजदूर रमेश कुमार के बच्चे मीना और भानुप्रताप घर के बाहर खेल रहे थे। वहीं एक व्यक्ति कार खड़ी कर चला गया, लेकिन उसे लॉक नहीं किया।
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कार का मालिक उसे लॉक किए बिना खड़ी करके चला गया और दोनों बच्चे खेलते-खेलते उसमें बैठ गए। इसके बाद कार सेंटर लॉक हो गई और बच्चों का दम घुट गया। बच्चों की पहचान मीना कुमारी (9) और भानु प्रताप (7) के तौर पर हुई है।
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जानकारी के अनुसार, कनाडा गए मास्टर गुरदेव सिंह के घर के पिछले कमरों में रहते बिहारी मजदूर रमेश कुमार के बच्चे मीना और भानुप्रताप घर के बाहर खेल रहे थे। वहीं एक व्यक्ति कार खड़ी कर चला गया, लेकिन उसे लॉक नहीं किया।
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निकलने की कोशिश में बच्चों को लगी चोटें
पार्किंग में फेल
इतनी देर में खेलते खेलते दोनों बच्चों ने दरवाजा खोल लिया और वे उसमें चढ़कर बैठ गए। दरवाजा बंद होते ही कार सेंटर लॉक हो गई। बच्चे अंदर तो बैठ गए, लेकिन वह गाड़ी की खिड़की नहीं खोल पाए और दम घुटने से दोनों की मौत हो गई।
बच्चों ने बाहर निकलने की बहुत कोशिश भी की होगी क्योंकि उनके शरीर पर जख्म के निशान थे। बच्चों का पिता रमेश कुमार बाघापुराना में मजदूरी करने गया हुआ था। घर में मौजूद बच्चों की मां और दूसरे बहन-भाइयों को देर शाम को पता लगा, जब इन बच्चों को दुकानदारों ने कार में से बाहर निकाला।
जिस कार में बच्चों की मौत हुई है वह भलूर निवासी किसी व्यक्ति की है। थाना प्रमुख मेजर सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच के दौरान जो भी दोषी पाया गया, उनके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों ने बाहर निकलने की बहुत कोशिश भी की होगी क्योंकि उनके शरीर पर जख्म के निशान थे। बच्चों का पिता रमेश कुमार बाघापुराना में मजदूरी करने गया हुआ था। घर में मौजूद बच्चों की मां और दूसरे बहन-भाइयों को देर शाम को पता लगा, जब इन बच्चों को दुकानदारों ने कार में से बाहर निकाला।
जिस कार में बच्चों की मौत हुई है वह भलूर निवासी किसी व्यक्ति की है। थाना प्रमुख मेजर सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच के दौरान जो भी दोषी पाया गया, उनके खिलाफ बनती कार्रवाई की जाएगी।