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चंडीगढ़ः राजस्व घोटाले में शामिल 280 डिफाल्टर कंपनियों को नोटिस, प्रॉपर्टी सील करने की तैयारी
न्यूज डेस्क, न्यूज डेस्क, चंडीगढ़
Updated Mon, 03 Dec 2018 02:42 PM IST
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- फोटो : PTI
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करोड़ों रुपये के राजस्व घोटाले में लिप्त कंपनियों के खिलाफ एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट बड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। हाल ही में डिपार्टमेंट की हुई हाईलेवल बैठक में रिकवरी के लिए गठित टास्क फोर्स को आदेश दिए गए हैं कि अगर कंपनियां तय समय पर पैसा जमा नहीं कराती हैं तो पंजाब लैंड रेवेन्यू एक्ट के मुताबिक इनकी प्रॉपर्टी अटैच कर ली जाए। अगर रेवेन्यू एक्ट में कोई समस्या आएगी तो इन कंपनियों के मालिकों पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाए। एक्साइज के निर्देश पर टॉस्क फोर्स ने 280 डिफाल्टर कंपनियों को नोटिस भेजे हैं और इन कंपनियों को एक सप्ताह का समय दिया है।
वैट घोटाले के मामले में फिलहाल कितनी रकम का घपला हुआ है, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। उक्त रकम का ब्यौरा जल्द सामने आने की उम्मीद है। इस संदर्भ में असिस्टेंट एक्साइज टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि डिफाल्टर कंपनियों से अब तक 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वसूल कर ली गई है। एक्साइज डिपार्टमेंट लगातार असेसमेंट करने में जुटा है। विभाग द्वारा अब तक वैट मामले में डिफाल्टर पाई गई 280 कंपनियों के लगभग 940 मामलों का असेसमेंट जारी है। विजिलेंस व क्राइम ब्रांच के अधिकारी इस वैट घोटाले को 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का बता रहे हैं।
एसटीएफ करेगी अपना काम
एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के कमिश्नर जितेंदर यादव ने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह में रिव्यू मीटिंग होगी। इसके बाद इस मामले में पूरी रकम का खुलासा हो पाएगा। जहां तक डिफाल्टर कंपनियों से रिकवरी की बात है तो टास्क फोर्स गठित कर दी गई है जो अपना काम करती रहेगी।
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ऐसे हुई है पूरे मामले की जांच
जानकारी के अनुसार एक्साइज डिपार्टमेंट के आठ अधिकारियों की भूमिका कथित तौर पर संदिग्ध है। इसमें चार डाटा एंट्री ऑपरेटर और चार एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी (ईटीओ) शामिल हैं। शुरूआती दौर में 52 कंपनियां की जांच हुई। जांच आगे बढ़ने के साथ ही फ्राड करने वाली कंपनियों की संख्या के कुल मामले 940 तक पहुंच गए। इनमें 280 के करीब कंपनियां संलिप्तता पाई गई हैं।
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वैट घोटाले के मामले में फिलहाल कितनी रकम का घपला हुआ है, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। उक्त रकम का ब्यौरा जल्द सामने आने की उम्मीद है। इस संदर्भ में असिस्टेंट एक्साइज टैक्सेशन कमिश्नर आरके चौधरी ने बताया कि डिफाल्टर कंपनियों से अब तक 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम वसूल कर ली गई है। एक्साइज डिपार्टमेंट लगातार असेसमेंट करने में जुटा है। विभाग द्वारा अब तक वैट मामले में डिफाल्टर पाई गई 280 कंपनियों के लगभग 940 मामलों का असेसमेंट जारी है। विजिलेंस व क्राइम ब्रांच के अधिकारी इस वैट घोटाले को 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का बता रहे हैं।
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एसटीएफ करेगी अपना काम
एक्साइज एंड टैक्सेशन विभाग के कमिश्नर जितेंदर यादव ने बताया कि दिसंबर के पहले सप्ताह में रिव्यू मीटिंग होगी। इसके बाद इस मामले में पूरी रकम का खुलासा हो पाएगा। जहां तक डिफाल्टर कंपनियों से रिकवरी की बात है तो टास्क फोर्स गठित कर दी गई है जो अपना काम करती रहेगी।
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ऐसे हुई है पूरे मामले की जांच
जानकारी के अनुसार एक्साइज डिपार्टमेंट के आठ अधिकारियों की भूमिका कथित तौर पर संदिग्ध है। इसमें चार डाटा एंट्री ऑपरेटर और चार एक्साइज एंड टैक्सेशन डिपार्टमेंट के अधिकारी (ईटीओ) शामिल हैं। शुरूआती दौर में 52 कंपनियां की जांच हुई। जांच आगे बढ़ने के साथ ही फ्राड करने वाली कंपनियों की संख्या के कुल मामले 940 तक पहुंच गए। इनमें 280 के करीब कंपनियां संलिप्तता पाई गई हैं।