फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Legal Notice for Enquiry to Badal Government SIT in Behbal Kalan Firing Case

बहिबल गोलीकांड: शिअद के कार्यकाल वाली एसआईटी तलब, केस दर्ज...पर नहीं की आगे जांच

Mon, 25 Feb 2019 10:31 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदकोट(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 25 Feb 2019 10:31 AM IST
विज्ञापन
Legal Notice for Enquiry to Badal Government SIT in Behbal Kalan Firing Case
बहिबल कलां गोलीकांड
बहिबलकलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही एसआईटी ने तत्कालीन शिअद भाजपा सरकार द्वारा गठित एसआईटी के अधिकारियों से भी पूछताछ करने का फैसला किया है। इसके तहत नई एसआईटी ने उस समय की एसआईटी में शामिल रहे तत्कालीन डायरेक्टर ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन व वर्तमान में एडीजीपी आईपीएस सहोता, तत्कालीन डीआईजी फिरोजपुर अमर सिंह चाहिल और तत्कालीन डीआईजी बठिंडा व वर्तमान में आईजी रणबीर सिंह खटड़ा को 25 फरवरी को चंडीगढ़ तलब कर लिया है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी का मामला सामने आने के बाद उसी दिन पंजाब सरकार की हिदायतों पर डीजीपी ने डायरेक्टर ब्यूरो आफ इनवेस्टिगेशन आईपीएस सहोता की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन किया था जिसमें फिरोजपुर और बठिंडा रेंज के डीआईजी भी शामिल किए गए। इस घटना के दो दिन बाद 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड की घटनाएं हो गई। इसके बाद एसआईटी ने 16 अक्तूबर 2015 को फरीदकोट पहुंच कर अपनी जांच शुरू की।
विज्ञापन


एसआईटी ने अपनी प्राथमिक पड़ताल में पाया कि 14 अक्तूबर 2015 को बहिबल कलां में पुलिस की फायरिंग के दौरान दो नौजवानों गांव नियामी वाला के किशन भगवान सिंह व गांव सरावां के गुरजीत सिंह की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों को गोली लगने की भी पुष्टि हुई थी जिसके आधार पर एसआईटी ने बहिबल गोलीकांड मामले में शिकायती पत्र देकर 21 अक्तूबर 2015 को थाना बाजाखाना में अज्ञात पुलिस पार्टी के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करवाया।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस दर्ज हुआ, पर एसआईटी ने जांच आगे नहीं बढ़ाई

सूत्रों के मुताबिक, केस दर्ज करवाने के बाद एसआईटी ने अपनी जांच को आगे ही नहीं बढ़ाया। गोलीकांड के लिए न तो जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की शिनाख्त की गई और न ही घटना से संबंधित कोई सबूत जुटाए गए। उल्टा उस अरसे के दौरान मृतकों के शरीर से निकली गोलियों के साथ टैंपरिंग हो गई जिससे यह पता नहीं चल पाया कि यह गोलियां किस हथियार से चली है। इसका केंद्रीय फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट में भी उल्लेख किया गया।

रणजीत सिंह आयोग ने उठाए थे जांच पर सवाल
पंजाब सरकार द्वार गठित जस्टिस रणजीत सिंह आयोग ने भी अपनी रिपोर्ट में उस समय की एसआईटी की जांच पर कई तरह के सवाल खड़े किए थे। आयोग की रिपोर्ट के अनुसार आईपीएस सहोता की अध्यक्षता वाली एसआईटी द्वारा बेअदबी व गोलीकांड की घटनाओं की सही ढंग से जांच ही नहीं की गई थी।

हाल ही में गठित एडीजीपी प्रबोध कुमार की अध्यक्षता वाली एसआईटी द्वारा बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच की जा रही है और उन दोनों घटनाओं में पूर्व एसएसपी चरणजीत सिंह शर्मा और आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब नई एसआईटी द्वारा घटना के समय गठित एसआईटी में शामिल रहे तीनों बड़े अधिकारियों एडीजीपी आईपीएस सहोती, सेवामुक्त डीआईजी अमर सिंह चहिल और आईजी रणबीर सिंह खटड़ा को पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed