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Haryana News: पंचकूला में सरपंचों पर लाठीचार्ज, 100 से अधिक घायल, ई-टेंडरिंग का कर रहे विरोध

Wed, 01 Mar 2023 05:34 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पंचकूला (हरियाणा) Published by: ajay kumar Updated Wed, 01 Mar 2023 05:34 PM IST
सार

सरकार के स्तर पर सरपंचों को मनाने की कोशिश नाकाम रही। सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से बातचीत में सहमति नहीं बन सकी है। सरपंच एसोसिएशन ई-टेंडरिंग को रद्द करने पर अड़ी है। इससे पहले पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली और सरपंचों के बीच बैठक हो चुकी है। मगर यह भी बेनतीजा रही है।

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Lathicharge on Sarpanchs in Panchkula of Haryana
सरपंचों पर लाठी भांजती पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी (दिनेश भारद्वाज)

विस्तार

ई-टेंडरिंग के विरोध में प्रदर्शन कर सीएम आवास का घेराव करने जा रहे सरपंचों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। वहीं सरपंचों की तरफ से पुलिस पर पत्थर फेंके गए। इस घटना में 100 से ज्यादा सरपंच व पंचायत सदस्य घायल हुए हैं। 10 से ज्यादा घायलों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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प्रदेश भर में सरपंच ई-टेंडरिंग का विरोध कर रहे हैं। इसके लिए पंचायत मंत्री देवेंद्र बबली के साथ भी बैठक हुई थी। मगर वह सिरे नहीं चढ़ी। इस पर एसोसिएशन ने एक मार्च को सीएम आवास घेराव का एलान किया था। तय कार्यक्रम के अनुसार सुबह 11 बजे सरपंच और पंचायत सदस्य शालीमार मेला ग्राउंड में पहुंचने शुरू हुए थे। दोपहर एक बजे तक भीड़ एकत्र हो गई। वहां बनाए गए मंच से विभिन्न पदाधिकारियों ने सरपंचों और पंचायत सदस्यों में जोश भरा। सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। 
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पुलिस ने करीब दो बजे चंडीगढ़-पंचकूला सीमा पर बैरिकेडिंग लगाकर रास्ते को बंद कर दिया। हाउसिंग बोर्ड चौक से बैरिकेडिंग तक सड़क पूरी तरह सरपंचों से भर गई। वहां पहुंचने के बाद सरपंचों ने बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास किया। एक बार तो इसमें वे कामयाब भी हो गए थे और बैरिकेड खींच ले गए। मगर इसके बाद पुलिस फिर से बैरिकेड को प्रदर्शनकारियों से छीन लाई और रास्ता बंद कर दिया। प्रदर्शनकारी अभी भी वहीं डटे हैं।



40 मिनट इंतजार के बाद वापस लौटा प्रतिनिधिमंडल

प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से मिलकर बात कर सकता है। इस पर प्रदर्शनकारियों के अध्यक्ष रणधीर समैण की अध्यक्षता में कमेटी बातचीत करने गई। करीब 40 मिनट वे इंतजार करते रहे, मगर कोई बात करने नहीं पहुंचा। इस पर प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बिफर पड़े और वापस हाउसिंग बोर्ड पहुंचे।

ओएसडी से दो टूक पूछा- सीएम से बात करवाओगे या नहीं
नाराज सरपंचों को मनाने और मसले का समाधान निकालने के लिए मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल हाउसिंग बोर्ड पर पहुंचे। वहां पर प्रतिनिधिमंडल के साथ पार्क में बैठकर बात की और सड़क खोलने के लिए मनाने का प्रयास किया। मगर प्रदर्शनकारियों ने उनसे दो टूक पूछा कि वो सरपंचों की बात मुख्यमंत्री से करवा सकते हैं या नहीं। जब भूपेश्वर दयाल ने मना किया तो सभी वहां से उठकर चले गए।



दोबारा कूच करने पर किया लाठीचार्ज
ओएसडी से मिलने के बाद भी जब कोई सकारात्मक समाधान होता नहीं दिखा तो सरपंचों ने फिर से चंडीगढ़ कूच के लिए बैरिकेड हटाने शुरू कर दिए। इस बार भी सरपंच बैरिकेड खींच ले गए। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज शुरू कर दिया। लाठीचार्ज होते ही सभी सरपंच दौड़ पड़े। इस दौरान कई गिर पड़े तो कई बचने के लिए इधर-उधर छिपने लगे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। करीब 10 मिनट तक पुलिस का लाठीचार्ज चलता रहा।

ये पहुंचे अस्पताल
सिरसा के रामपुरा ढिल्लो गांव के सरपंच प्रतिनिधि नंदलाल, सदिरसा के कागदाना गांव के सरपंच मांगेराम बेनिवाल, करनाल के मिरघान गांव के सरपंच कृष्णलाल, हिसार जिले के गांव पायल के सरपंच रामफल, फतेहाबाद के गांव सरवरपुर के सरपंच अनूप सिंह, हिसार जिले के मतलौडा गांव निवासी जगबीर फौजी, हांसी के पास स्थित ढाणी ठाकरिया के सरपंच प्रतिनिधि सुरेश कुमार सहित कई अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया। पायल के सरपंच रामफल के पैर में पलस्तर किया गया है। वहीं काफी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हल्की-फुल्की चोट आई हैं।



मांग पूरी होने तक बैठे रहेंगे
सरपंचों की अगुवाई कर रहे रणधीर समैण ने कहा कि सरकार ने उनके साथ ज्यादती की है। जैसा सलूक मुख्यमंत्री के दरवाजे पर हमारे साथ किया गया है, वैसा ही हम हमारे घर आने पर भाजपा और जजपा नेताओं के साथ करेंगे। जब तक मांग पूरी नहीं होती, यहीं धरना देकर बैठे रहेंगे। उन्होंने बताया कि वे ई-टेंडरिंग को वापस लेने और सीमित किए गए सरपंचों के अधिकारियों को बहाल कराने की मांग को लेकर यह आंदोलन चला रहे हैं।



टाइमलाइन

  • 11:00 बजे सरपंच और पंचायत सदस्य शालीमार ग्राउंड में पहुंचने शुरू हुए।
  • 1:00 बजे तक करीब पांच हजार की संख्या में सरपंच और पंचायत सदस्य एकत्र हो गए।
  • 2:00 बजे चंडीगढ़-पंचकूला बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई।
  • 2:15 बजे तक भाषणबाजी चलती रही।
  • 2:30 बजे सभी मुख्यमंत्री आवास के लिए रवाना हुए।
  • 3:00 बजे सभी हाउसिंग बोर्ड पहुंच गए।
  • 3:20 बजे कमेटी सीएम आवास के लिए रवाना हुई।
  • 4:00 बजे वार्ता सिरे नहीं चढ़ने पर कमेटी सदस्य वापस लौटे।
  • 4:10 बजे सीएम ओएसडी भूपेश्वर दयाल बात करने पहुंचे।
  • 4:25 बजे वार्ता विफल होने पर वो लौट गए।
  • 4:30 बजे फिर से नारेबाजी शुरू और लाठीचार्ज किया।
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