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Hindi News ›   Chandigarh ›   Last Day of Punjab Assembly Discussion on Governor Banwari Lal Purohit address in House

अब शहीदी दिवस पर छुट्टी: 23 मार्च को पंजाब में अवकाश, मुख्यमंत्री मान ने विधानसभा में किया एलान

Tue, 22 Mar 2022 11:15 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 22 Mar 2022 11:15 AM IST
सार

पंजाब विधानसभा के सत्र का मंगलवार को अंतिम दिन की कार्यवाही शुरू हुई। अंतिम दिन राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस विधानसभा के अगले सत्र तक टाल दी गई।

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Last Day of Punjab Assembly Discussion on Governor Banwari Lal Purohit address in House
पंजाब विधानसभा। - फोटो : ANI

विस्तार

पंजाब में अब 23 मार्च को शहीदी दिवस पर अवकाश रहेगा। विधानसभा सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को सीएम भगवंत मान ने यह एलान किया। सीएम ने स्कूल-कॉलेजों के बच्चों और उनके अध्यापकों को हुसैनीवाला और खटकड़कलां पहुंच कर इतिहास की जानकारी हासिल करने को कहा।

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Punjab: The Punjab State Assembly passes a resolution to install statues of Shaheed Bhagat Singh and Babasaheb Ambedkar in the Assembly. Also, to mark the occasion of Shaheed Diwas, CM Bhagwant Mann declares a public holiday on March 23. (Pic: ANI)

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- Prasar Bharati News Services (@pbns_india) 22 Mar 2022

भगत सिंह के जन्मदिन की तिथि नहीं बता पाए विधायक राजा वड़िंग

कांग्रेस के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 23 मार्च को अवकाश को गैरजरूरी बताया तो मुख्यमंत्री ने उनसे पूछा कि आप बता सकते हैं कि शहीद भगत सिंह का जन्मदिन कब है? राजा वड़िंग जवाब नहीं दे सके तो मुख्यमंत्री ने बताया कि 28 सितंबर को भगत सिंह का जन्मदिवस होता है। नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने के लिए ही फैसला लिया गया है।  

सीएम भगवंत मान ने विधानसभा में शहीद-ए-आजम भगत सिंह और बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमाएं लगाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी। महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा भी विधानसभा में लगेगी। सदन में ध्वनिमत से प्रस्ताव पारित किया गया है। कांग्रेस के विधायक प्रताप बाजवा ने महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा लगाने की मांग की थी। 

 

तीन माह के लिए लेखानुदान प्रस्ताव को मंजूरी
पंजाब विधानसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन मंगलवार को सूबे की नई सरकार ने वार्षिक बजट से पहले तीन माह के लिए लेखानुदान पेश करके काम चलाने योग्य धन की व्यवस्था कर ली। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन में इस वर्ष के लिए पंजाब एप्रोप्रिएशन (वोट आन अकाउंट) बिल 2022 पेश करने के साथ ही वर्ष 2022-23 के तीन महीनों अप्रैल, मई व जून 2022 के लिए लेखा-अनुदान संबंधी प्रस्ताव पेश किया, जिसकी कुल रकम 37120,23,76,000 रुपये (37 हजार 120 करोड़ 23 लाख 76 हजार) बनती है। सदन ने इन बिलों को ध्वनिमत से पारित कर दिया।

राज्य सरकार को इन बिलों के पारित होने से अगले तीन माह तक गुजारे लायक पैसा, जिसमें कर्मचारियों का वेतन भी शामिल है, की व्यवस्था करने में आसानी होगी। प्रस्ताव में कहा गया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 206 के अनुसरण में, पंजाब विधानसभा को तीन महीने- अप्रैल, मई और जून 2022 की अवधि में आने वाले खर्चों के लिए लेखा-अनुदान पारित करने का प्रस्ताव किया गया है। इसके तहत राजस्व एवं पूंजीगत योजनाओं संबंधी वर्ष 2021-22 के संशोधित अनुमान की एलोकेशन का खर्च एक-चौथाई ही खर्च किया जाएगा, वहीं वेतन के लिए 2021-22 के संशोधित अनुमान का 35 फीसदी ही लिया जाएगा।

लेखा-अनुदान प्रस्ताव में बताया गया है कि कृषि विभाग की कुल (राजस्व एवं पूंजीगत) मांग 23561683 हजार रुपये की है। इसी तरह पशुपालन विभाग की कुल मांग 1774031 हजार रुपये, सहकारिता विभाग की कुल मांग 2265875 हजार रुपये, रक्षा सेवा कल्याण के लिए 326017 हजार, सामाजिक सुरक्षा व कल्याण के लिए 362021 हजार रुपये, शिक्षा के लिए 46437479 हजार रुपये, चुनाव के लिए 1324186 हजार रुपये, आबकारी व कराधान के लिए 897848 हजार, वित्त विभाग जिसे ब्याज की अदायगी व पेंशन मामलों समेत अन्य खर्च वहन करने हैं, के लिए कुल मांग (राजस्व व पूंजीगत) 145610195 हजार रुपये दर्शाई गई है।

राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस अगले सत्र में
विधानसभा में मंगलवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस को अगले विधानसभा सत्र तक टाल दिया गया है। सदन में दिवंगत शख्सियतों को श्रद्धांजलि देने के बाद जैसे ही स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस शुरू करने के निर्देश दिए, सदन के नेता व मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पीकर से कहा कि 16वीं विधानसभा में चुनकर आए अधिकांश सदस्य नए हैं और उन्हें सदन की कार्यप्रणाली का कोई अनुभव नहीं है। ऐसे में धन्यवाद प्रस्ताव पर अपनी बात कैसे रखनी है, इसके बारे में उन्हें अध्ययन करने का समय मिलना चाहिए। मान ने स्पीकर से आग्रह किया कि धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस को अगले विधानसभा सत्र तक टाल दिया जाए। इस पर स्पीकर ने सदन से सदस्यों की राय जानने के बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस को अगले विधानसभा सत्र तक टाल दिया।

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