किसानों के समर्थन में खून से पीएम मोदी को लिखा पत्र, जलालाबाद में आरएसएस नेताओं का घेराव
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सिख स्टूडेंट्स फेडरेशन ग्रेवाल ने शुक्रवार को गुरुद्वारा भट्टा साहिब में रक्तदान कैंप का आयोजन किया। फेडरेशन के प्रधान गुरचरन सिंह ग्रेवाल ने साथियों के साथ रक्तदान किया। इसके बाद किसानों के समर्थन में ग्रेवाल ने अपने खून से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कृषि कानून वापस लेने की मांग की।
ग्रेवाल ने कहा कि किसानों के अन्न और सरहद पर उनके बेटों के बलिदान से ही देश सुरक्षित है। केंद्र सरकार पंजाब के किसानों को आतंकवादी कहकर देश की सुरक्षा और अमन चैन को खतरा पैदा कर रही है। फेडरेशन के सीनियर उपाध्यक्ष भाई गुरबख्श सिंह खालसा ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों वापस लेने की मांग की।
किसानों ने आरएसएस नेताओं की गाड़ी घेरकर की नारेबाजी
जलालाबाद में फाजिल्का -फिरोजपुर रोड पर एक पेट्रोल पंप के पास किसान यूनियन एकता उगराहां ने आरएसएस नेताओं की गाड़ी रोककर नारेबाजी की। पुलिस ने मौके पर पहुंच आरएसएस नेताओं को वहां से निकाला। एकता उगराहां के नेता सुखचैन सिंह सोढी और सुनील भोडीपुर ने बताया कि वह शांतिपूर्वक पेट्रोल पंप पर धरना दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस के नेता जलालाबाद का माहौल खराब करना चाहते हैं। आज उन्हें पता चला कि स्थानीय निवासी राजेश नारंग के घर आरएसएस की बैठक चल रही है और वह माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। जब बैठक खत्म हुई तो उन्होंने आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ बात करनी चाही। इस पर उन्होंने अपनी गाड़ी तेज रफ्तार में भगा ली। उनका पीछा कर पेट्रोल पंप के पास रोक लिया, जहां किसानों का पक्का धरना चल रहा है।
उन्हें रोक कर मोदी सरकार के खिलाफ और आरएसएस गोबैक के नारे लगाए और उन्होंने कहा कि पूरे देश में इन कानूनों का विरोध हो रहा है और भाजपा व आरएसएस नेता बैठक कर आग में तेल डालने का काम कर रहे हैं। सूचना मिलते ही डीएसपी पलविंदर सिंह और एसएचओ सिटी जंतिदर सिंह पुलिस पार्टी समेत मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने किसानों को शांत कराकर मसला सुलझाया।
दूसरी तरफ, आरएसएस के पदाधिकारी राजेश नारंग ने कहा कि यह सब गलतफहमी के चलते हुआ है। यह एक व्यक्तिगत बैठक थी। उनके पास आरएसएस के पदाधिकारी आए थे। बैठक में श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए योजना बन रही है, उसी संबंध में 15 जनवरी से 15 फरवरी तक पैसे एकत्रित करने हैं और इस संबंधी घर-घर जा कर प्रचार भी करना है। किसानों ने गलतफहमी के चलते गाड़ी को घेर लिया।
च्यवनप्राश लेकर मार्केट कमेटी कर्मचारी दिल्ली रवाना
मुक्तसर से मार्केट कमेटी कर्मचारी यूनियन का एक दल शुक्रवार को किसान आंदोलन के समर्थन में दिल्ली रवाना हुआ। कर्मचारियों ने आंदोलनकारी किसानों को एक-एक दिन का वेतन देने का फैसला किया। वहीं ये कर्मचारी एक क्विंटल च्यवनप्राश भी अपने साथ लेकर गए हैं, जिसे धरने पर बैठे किसानों में बांटा जाएगा।
जालंधर: किसान यूनियन ने किया रोष प्रदर्शन
दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में शुक्रवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) राजेवाल के समर्थकों ने शहर के भगवान श्रीराम चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। धरने की वजह से भगवान वाल्मीकि चौक, लव-कुश चौक और नामदेव चौक में जाम लगने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार वह अमृतसर से राज्यसभा सांसद श्वेत मलिक के जालंधर आने की खबर मिलने पर उनका घेराव करने पहुंचे हैं। जब सांसद नहीं पहुंचे तो किसानों ने श्रीराम चौक में धरना लगाकर भाजपा के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया।
सिविल सोसाइटी बनाकर किसानों का किया समर्थन
किसान आंदोलन को लेकर जालंधर की नामचीन हस्तियों ने सिविल सोसाइटी का गठन किया है, जिसमें चिकित्सकों के अलावा शिक्षक, पूर्व राजदूत व मीडिया जगत के लोग जुड़े। शुक्रवार को सिविल सोसाइटी की बैठक में दिल्ली बार्डर पर चल रहे किसानी आंदोलन पर विचार विमर्श हुआ। एक सुर में सभी वक्ताओं ने कहा कि मौजूदा दौर में किसानों का मनोबल बढ़ाना चाहिए, क्योंकि यह जंग किसानी के साथ साथ पंजाब की भी है।
सिविल सोसाइटी की बैठक में पूर्व राजदूत रमेश चंद्र, खेल उद्योग संघ से रविंधर धीर, आईएमए के पूर्व प्रधान डॉ. मुकेश, नीमा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. विशाल भनोट, वरिष्ठ लेखक राकेश शांतिदूत, पद्मश्री विधायक परगट सिंह, खालसा कॉलेज की प्रिंसिपल नवजोत कौर, एजीआई के एमडी सुखदेव सिंह, आरके ढाबा फूड चेन के एमडी रमन बठला समेत कई वरिष्ठ हस्तियां शरीक हुई। इसमें किसानी आंदोलन पर चिंता व्यक्त की गई और सिविल सोसाइटी की जिम्मेदारी पर चर्चा की गई।