फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Kisan Andolan Latest News: 19 Days Completed Of Kisan Andolan, Farmer Protest News Today

किसान आंदोलन : सरकार को जल्दबाजी नहीं, किसानों को देनी होगी ‘सब्र’ की परीक्षा

Tue, 15 Dec 2020 05:06 AM IST
ajay kumar मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 15 Dec 2020 05:06 AM IST
विज्ञापन
Kisan Andolan Latest News: 19 Days Completed Of Kisan Andolan, Farmer Protest News Today
किसान आंदोलन (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को 19 दिन पूरे हो चुके हैं। इस दौरान केंद्र के साथ किसान संगठनों की छह दौर की वार्ता भी हुई लेकिन बेतनीजा रही। आंदोलन में किसानों के धरना, प्रदर्शन, जाम, टोल नाकों को फ्री करवाना और भूख हड़ताल का दौर भी चला।

विज्ञापन


मगर सरकार और किसान अपनी ‘जिद’ पर कायम है। केंद्र व हरियाणा सरकार संयम व नरम रवैये के साथ लगातार किसानों को कृषि कानूनों के फायदे बताने में जुटी है। वहीं, अब किसान संगठनों को भी आंदोलन में ‘सब्र’ की परीक्षा देनी होगी।
विज्ञापन



सोमवार को देशभर में किसानों का जिला मुख्यालयों पर भूख हड़ताल प्रदर्शन भी खत्म हो गया। किसान संगठन अब आंदोलन की नई रणनीति बनाएंगे। दिल्ली की सीमाओं पर डटे आंदोलनरत किसानों का संयुक्त किसान मोर्चा जल्द बैठक कर यह तय करेगा कि आंदोलन को आगे कैसे बढ़ाना है। मगर इसी के साथ अपने संघर्ष को शांतिप्रिय बनाए रखना भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसान नेताओं को इस बात का जबरदस्त भय सता रहा है कि कुछ गलत तत्व उनके आंदोलन को हाईजैक कर किसी और दिशा में मोड़ सकते हैं। इसके लिए खुद किसान संगठन अपनी विशेष टीमें लगाकर ऐसे तत्वों की पहचान करने में जुटे हैं, जिनका इस आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं फिर भी वे लगातार एक अलग विचारधारा के साथ आंदोलन में सक्रिय बने हैं।

‘हम महीनों का राशन लेकर बैठे हैं, हिंसा के पक्षधर नहीं’

राष्ट्रीय किसान महासंघ के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिमन्यु कोहाड़ के अनुसार अपनी मांगों के समर्थन में सभी किसान संगठन लंबे संघर्ष की तैयारी के साथ यहां पहुंचे हैं। किसान लोग पांच से छह माह का राशन तक लेकर आए हैं। मगर यह सूचनाएं लगातार मिल रही है कि कुछ असामाजिक तत्व हमारे आंदोलन को खराब करने की साजिश कर रहे हैं, जिसे लेकर हम सतर्क हैं। 

भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी भी साफ कर चुके हैं कि हिंसा करने वाले लोगों से किसान आंदोलन का कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे लोग पकड़ में आते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए और ऐसे तत्वों को हम भी पकड़कर पुलिस के हवाले करेंगे। उधर, देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर का कहना है कि सरकार अपने स्तर पर किसानों को समझाने का भरसक प्रयास कर रही है और करती रहेगी। सरकार किसी जल्दबाजी में नहीं है। मगर किसानों की आड़ में कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं। सरकार कभी किसानों के अहित में कोई फैसला नहीं ले सकती और न ही लेगी।

आंदोलन में गड़बड़ करने वालों पर नजर रखेंगी सुरक्षा एजेंसियां
आंदोलन को हिंसक बनाने की जो साजिश चल रही है उस पर केंद्रीय व हरियाणा की सुरक्षा व खुफिया एजेंसी लगातार नजर रखेंगी। हरियाणा पुलिस के महानिदेशक मनोज यादव ने इसके लिए एडीजीपी स्तर के आला पुलिस अफसरों की ड्यूटी भी लगा दी है। प्रदेश में आंदोलन को लेकर क्या हालात हैं, इस आंदोलन में गड़बड़ी की क्या आशंका है, आंदोलन को लेकर केंद्रीय व राज्य की खुफिया एजेंसियों का क्या इनपुट है और आगे आने वाले दिनों में यह आंदोलन क्या रूप ले सकता है, इसकी पूरी विस्तृत रिपोर्ट हरियाणा पुलिस तैयार कर प्रदेश सरकार को सौंपेगी। इसके लिए यह आला पुलिस अफसर तीन दिन फील्ड में रहेंगे और स्थानीय पुलिस व सीआईडी से तालमेल रखेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed