असहिष्णु पर भड़के शाही इमाम बोले, अल्पसंख्यक किराएदार नहीं
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आमिर खान के असहिष्ण बयान के बाद उपजे विवाद पर भड़के शाही इमाम ने कहा कि अल्पसंख्यक देश में किरायेदार नहीं हैं कि सिर्फ इजहार-ए-ख्याल के बाद धमकियों का दौर शुरू कर दिया जाए।
दरअसल एक बयान जारी कर शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी ने कहा कि आमिर खान के इजहार-ए-ख्याल के बाद देश भर में भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं से लेकर वार्ड अध्यक्षों की ओर से अभद्र भाषा में की जा रही बयानबाजी इस बात का सबूत है कि देश में असहनशीलता का माहौल है।
किसी भी भारतीय की ओर से अपना दुख सुनाने के बाद सत्ता में बैठे लोगों की ओर से नापाक शब्दों में गुस्सा दिखाना ही असहनशीलता कहलाता है।
शाही इमाम ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग देश के अल्पसंख्यकों को ताकत के माध्यम से डराना और धमकाना चाहते हैं। जिसे किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक देश में किरायेदार नहीं हैं कि सिर्फ इजहार-ए-ख्याल के बाद धमकियों का दौर शुरू कर दिया जाए।
शाही इमाम ने कहा, 'देश में असहनशीलता बढ़ती जा रही है'
शाही इमाम ने कहा कि देश में असहनशीलता बढ़ती जा रही है। बहुसंख्यक सहनशीलता खो रहे हैं। अब चाहे दादरी में अशफाक का कत्ल हो या फिर कश्मीर में किसी कश्मीरी पंडित पर जुल्म, यह सब असहनशीलता की मुंह बोलती तस्वीरें हैं, जिससे इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और उनके सहयोगी फिरकाप्रस्त नेताओं की ओर से आए दिन देश के अल्पसंख्यक समुदाय को दी जा रही धमकियों पर मौन धारण किए हुए हैं।
इसी दौरान जब आमिर खान जैसे लोग अपना दर्द बयान करते हैं तो उन पर लोकसभा में गृहमंत्री बयान जारी करके नसीहत देते हैं। यह दोहरी राजनीति भारतीय संस्कृति के अनुसार नहीं है। इस मौके पर गुलाम हसन कैसर और शाही इमाम के सचिव मुहम्मद मुस्तकीम भी उपस्थित थे।