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Chandigarh News: तीन मंत्रियों की आपत्ति के बाद दिल्ली से रुकी खुल्लर की नियुक्ति

Sun, 20 Oct 2024 04:41 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2024 04:41 AM IST
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Khullars appointment stopped from Delhi after objections from three ministers
बिना कैबिनेट रैंक के हो सकती है सीपीएस पद पर फिर तैनाती
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यह दी गई दलील
- कैबिनेट का दर्जा देने से वह राज्यमंत्रियों से भी ऊपर हो जाएंगे, जो ठीक नहीं
- कहीं अफसरशाही फिर से हावी न हो जाए, विधायकों को हो सकती है दिक्कत




अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रिटायर्ड आईएएस राजेश खुल्लर की मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मुख्य प्रधान सचिव (सीपीएस)के पद पर नियुक्ति के आदेश पर चार घंटे बाद ही रोक लग गई। मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद की ओर से शुक्रवार रात करीब साढ़े 12 बजे जारी किए आदेश के मुताबिक खुल्लर की नियुक्ति को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया। शुक्रवार शाम को ही खुल्लर की सीपीएस पद पर नियुक्ति के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था।
सूत्रों के मुताबिक इस नियुक्ति को लेकर सरकार के तीन वरिष्ठ मंत्रियों ने भाजपा आलाकमान के सामने आपत्ति जताई और कहा कि किसी रिटायर्ड अफसर को कैबिनेट मंत्री का दर्जा देने का क्या औचित्य है। उन्होंने हवाला दिया कि राज्य में चुनकर आए राज्यमंत्री भी अफसर से जूनियर हो गए हैं, यह ठीक नहीं है। उनकी इस आपत्ति को आलाकमान ने गंभीरता से लिया और दिल्ली से जारी हुक्म के तुरंत बाद खुल्लर की नियुक्ति को रोक दिया गया। अब चर्चा है कि खुल्लर को मुख्य प्रधान सचिव तो बनाया जाएगा, मगर कैबिनेट रैंक का दर्जा नहीं मिलेगा या फिर मुख्यमंत्री किसी नए अफसर की मुख्य प्रधान सचिव के पद पर नियुक्ति कर सकते हैं।
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अफसरों के बीच यह भी चर्चा है कि खुल्लर के मुख्य प्रधान सचिव की नियुक्ति के आदेश जारी हुए थे, मगर कैबिनेट रैंक का प्रस्ताव उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी से डलवाया, जिसे तुरंत मंजूर करवा लिया गया। जब यह बात सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों तक पहुंची तो उन्होंने इसका तर्क संगत विरोध दिल्ली हाईकमान के सामने करवाया। मंत्रियों ने यह भी दलील दी कि एक अफसर को इतना ताकतवर बनाना भी ठीक नहीं है। फील्ड में विधायकों को भी दिक्कत आ सकती है। इससे एक बार फिर अफसरशाही हावी हो सकती है। अफसरशाही को लेकर मनोहर सरकार के कार्यकाल में विधायक सवाल और शिकायत करते रहे हैं। इसलिए सरकार की छवि फिर से पुरानी वाली बन सकती है। लिहाजा आलाकमान ने खुल्लर की नियुक्ति पर रोक लगा दी। वहीं चर्चा यह भी है कि खुल्लर के साथ कई और अधिकारियों की नियुक्ति के आदेश जारी होने थे, मगर हुए सिर्फ खुल्लर के ही। इससे भी अफसरों में सुगबुगाहट थी।
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1988-बैच के आईएएस अधिकारी खुल्लर 35 वर्षों की सिविल सेवाओं के बाद 31 अगस्त, 2023 को सेवानिवृत्त हुए। उनकी सेवानिवृत्ति के अगले ही दिन उन्हें तत्कालीन सीएम मनोहर लाल के मुख्य प्रधान सचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। खुल्लर ने 2020 में विश्व बैंक में जाने से पहले लगभग पांच साल तक सीएम मनोहर लाल के प्रधान सचिव के रूप में काम किया था। खुल्लर की गिनती मनोहर लाल के करीबियों में होती है। मनोहर लाल के बाद वह उन्हें नायब सैनी का मुख्य प्रधान सचिव नियुक्त किया गया था।
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