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जेल से बाहर आना चाहता है सांसद अमृतपाल सिंह: स्पीकर को लिखी चिट्ठी, शपथ के लिए मिली थी पैरोल
Mon, 15 Jul 2024 07:21 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 15 Jul 2024 07:21 PM IST
सार
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद पंजाब का सांसद व खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह ने जेल से बाहर आने की की इच्छा जताई है। इसके लिए अमृतपाल सिंह ने एक चिट्ठी भी लिखी है।
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अमृतपाल सिंह
- फोटो : फाइल
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विस्तार
खालिस्तानी समर्थक और पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से सांसद अमृतपाल सिंह जेल से बाहर आना चाहता है। असम की डिब्रूगढ़ जेल में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत बंद सांसद अमृतपाल सिंह ने इसके लिए चिट्ठी भी लिखी है। अमृतपाल ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को यह चिट्ठी लिखी है। सांसद अमृतपाल ने लोकसभा स्पीकर को चिट्ठी लिखकर 22 जुलाई से शुरू होने जा रहे मानसून सत्र में शामिल होने की मंजूरी दिए जाने की मांग की है।
पांच जुलाई को अमृतपाल सिंह को दिल्ली संसद भवन में लोकसभा स्पीकर के चैंबर में कड़ी सुरक्षा के बीच सांसद की शपथ दिलाई गई थी। हाल ही में अमृतपाल के भाई हरप्रीत सिंह को जालंधर पुलिस ने ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया है। आरोपी हरप्रीत सिंह के पास से आईस ड्रग्स बरामद की है। अब मानसून सत्र में शामिल होने के लिए मंजूरी की मांग की गई है, देखना यह है कि पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी जाती है या नहीं। क्योंकि बतौर सांसद शपथ लेने के लिए भी चार दिन की पैरोल दी गई थी, लेकिन अमृतपाल को एक दिन के अंदर ही शपथ दिलाकर वापस डिब्रूगढ़ जेल पहुंचाया गया था।
इतने वोटों के अंतर से जीता
खडूर साहिब लोकसभा सीट पर अमृतपाल सिंह ने 4,04,430 मतों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। चुनावों में अमृतपाल सिंह के निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा थे, जिन्हें 2,07,310 वोट मिले थे। जीत के बाद अमृतपाल सिंह की पत्नी और वकील उससे मिलने डिब्रूगढ़ जेल गए थे।
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अप्रैल 2023 से जेल में है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से जेल में बद है। 23 फरवरी 2023 को अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में हजारों की भीड़ अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन में घुस गई थी। पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की गई थी। 18 मार्च को अमृतपाल घर से फरार हो गया। इस घटना के बाद अमृतपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बाद 23 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उसे मोगा से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ एनएसए के तहत मामला दर्ज करने के बाद उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया। जेल से ही उसने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी था।
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पांच जुलाई को अमृतपाल सिंह को दिल्ली संसद भवन में लोकसभा स्पीकर के चैंबर में कड़ी सुरक्षा के बीच सांसद की शपथ दिलाई गई थी। हाल ही में अमृतपाल के भाई हरप्रीत सिंह को जालंधर पुलिस ने ड्रग्स केस में गिरफ्तार किया है। आरोपी हरप्रीत सिंह के पास से आईस ड्रग्स बरामद की है। अब मानसून सत्र में शामिल होने के लिए मंजूरी की मांग की गई है, देखना यह है कि पुलिस की ओर से इसकी अनुमति दी जाती है या नहीं। क्योंकि बतौर सांसद शपथ लेने के लिए भी चार दिन की पैरोल दी गई थी, लेकिन अमृतपाल को एक दिन के अंदर ही शपथ दिलाकर वापस डिब्रूगढ़ जेल पहुंचाया गया था।
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इतने वोटों के अंतर से जीता
खडूर साहिब लोकसभा सीट पर अमृतपाल सिंह ने 4,04,430 मतों के साथ महत्वपूर्ण बढ़त हासिल की थी। चुनावों में अमृतपाल सिंह के निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस उम्मीदवार कुलबीर सिंह जीरा थे, जिन्हें 2,07,310 वोट मिले थे। जीत के बाद अमृतपाल सिंह की पत्नी और वकील उससे मिलने डिब्रूगढ़ जेल गए थे।
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अप्रैल 2023 से जेल में है अमृतपाल
अमृतपाल सिंह अप्रैल 2023 से जेल में बद है। 23 फरवरी 2023 को अमृतपाल सिंह के नेतृत्व में हजारों की भीड़ अमृतसर के अजनाला पुलिस स्टेशन में घुस गई थी। पुलिस स्टेशन में तोड़फोड़ की गई थी। 18 मार्च को अमृतपाल घर से फरार हो गया। इस घटना के बाद अमृतपाल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए थे। इसके बाद 23 अप्रैल को पंजाब पुलिस ने उसे मोगा से गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ एनएसए के तहत मामला दर्ज करने के बाद उसे असम की डिब्रूगढ़ जेल में भेज दिया गया। जेल से ही उसने लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीता भी था।