संत रामपाल के समर्थकों का चौंकाने वाला ऐलान
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संत रामपाल के करीब एक लाख श्रद्धालु राष्ट्रपति आवास पहुंचकर न्याय दो या मौत दो की मांग करने को तैयार हैं। वहीं, आश्रम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसमें सीबीआई जांच की मांग की है।
दौलतपुर रोड आश्रम में भी जुटे समर्थक
उन्होंने बताया कि आश्रम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब यहां अतिरिक्त संख्या में रहने की व्यवस्था नहीं है, जिसके चलते अब अनुयायी दौलतपुर रोड स्थित आश्रम में भी भेजे जाएंगे।
आश्रम में करीब एक लाख श्रद्धालु होने का दावा किया गया है, जिसमें हरियाणा, उत्तरप्रदेश, पंजाब, राजस्थान, चंडीगढ़ और दिल्ली के लोगों की संख्या सबसे अधिक है।
17 को ही श्रद्धालु कर जाएंगे कूच
सतलोक आश्रम के प्रवक्ता राजकपूर ने कहा कि हम 17 नवंबर तक इंतजार करेंगे। अगर हाईकोर्ट ने संत को ठीक होने तक पेशी से राहत नहीं दी तो हम दिल्ली की ओर कूच करेंगे। एक लाख श्रद्धालु 17 नवंबर को ही दिल्ली की ओर रवाना हो जाएंगे। जो राष्ट्रपति से मौत दो या न्याय दो की गुहार लगाएंगे।
इस तरह के होर्डिंग्स, बैनर और पोस्टर बृहस्पतिवार को प्रदर्शनकारियों के हाथ में भी नजर आए। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया, जिसमें हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर कर न्याय मांगा।
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, सत्संग इसी तरह से जारी रहेगा। जरूरत पड़ी तो सत्संग को आगे बढ़ाया जाएगा।
मामले में सीबीआई जांच की मांग
प्रवक्ता राजकपूर ने कहा कि हम किसी तरह का टकराव नहीं चाहते। पुलिस की ओर से किसी तरह की जबरदस्ती का प्रयास किया गया तो हम उन पर हाथ नहीं उठाएंगे।
हां यह जरूर है कि संत रामपाल को ले जाने से पहले हमारी लाश से गुजरना होगा। अपने गुरु को जबरदस्ती नहीं ले जाने देंगे। प्रवक्ता ने अब करौंथा आश्रम से लेकर अब तक के सभी मामलों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की गई है।
यह था मामला
संत रामपाल हत्या के मामले में चंडीगढ़ पेशी पर नहीं पहुंचे तो पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर पुलिस को 10 नवंबर तक गिरफ्तार तक कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए थे। 10 नवंबर को भी संत कोर्ट में पेशी पर नहीं हुए।
उनके वकील ने संत का मेडिकल सर्टिफिकेट कोर्ट में पेश कर उनकी तबीयत खराब होने की बात कही। इस पर कोर्ट ने पुलिस को फिर 17 नवंबर तक संत को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया है।