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Chandigarh News: हिरासत के दौैरान पूछताछ में भी कल्याणी ने भ्रमित करने की कोशिश की थी
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चंडीगढ़। सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में वीरवार को दिल्ली सीबीआई की सीएफएसएल की डॉ. रंजिता कुमारी के बयान दर्ज किए गए। डॉ. रंजिता कुमारी ने सीबीआई अदालत को बताया कि वर्ष 2022 में हत्याकांड में आरोपी कल्याणी सिंह से हिरासत के दौरान कुछ सवाल किए थे, जिसका उसने सही ढंग से जवाब न देकर भ्रमित करने का प्रयास किया। शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी और आरोपी पक्ष की ओर से क्रॉस एग्जामिनेशन किया जाएगा। बता दें कि इस मामले में सीएफएसएल के डिप्टी डायरेेक्टर डॉ. आमोद कुमार सिंह के बयान दर्ज नहीं किए जा सके।
मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने अदालत को बताया कि हिरासत के दौरान कल्याणी को सामने बैठकर बातचीत की गई थी। इसमें यह अनुमान लगाया गया था कि कल्याणी अपराध में शामिल होने के बारे में अपने बयानों में भ्रामक लग रही थी। डॉ. रंंजिता कुमारी ने कहा कि मनोवैज्ञानिक-व्यवहार मूल्यांकन के दौरान पाया गया कि उसने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा होने पर सीधे आई कांटेक्ट करने से परहेज किया। कल्याणी फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की पूछताछ के समय शारीरिक रूप से सामान्य और मानसिक रूप से सतर्क पाई गई थी। वह उन्हें सही ढंग से सवालों के जवाब न देकर गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। वहीं, आरोपी पक्ष ने अदालत से कहा कि उन्हें फोरेंसिक जांच से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के दस्तावेज पहले नहीं दिए गए हैंं। मौके पर सीबीआई ने यह दस्तावेज देने से इन्कार किया लेकिन अदालत ने जांच टीम को आरोपी पक्ष को केस से जुड़े मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए कहा। इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी और गवाह से आरोपी पक्ष की ओर से क्रॉस एग्जामिनेशन किया जाएगा।
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मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने अदालत को बताया कि हिरासत के दौरान कल्याणी को सामने बैठकर बातचीत की गई थी। इसमें यह अनुमान लगाया गया था कि कल्याणी अपराध में शामिल होने के बारे में अपने बयानों में भ्रामक लग रही थी। डॉ. रंंजिता कुमारी ने कहा कि मनोवैज्ञानिक-व्यवहार मूल्यांकन के दौरान पाया गया कि उसने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा होने पर सीधे आई कांटेक्ट करने से परहेज किया। कल्याणी फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की पूछताछ के समय शारीरिक रूप से सामान्य और मानसिक रूप से सतर्क पाई गई थी। वह उन्हें सही ढंग से सवालों के जवाब न देकर गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। वहीं, आरोपी पक्ष ने अदालत से कहा कि उन्हें फोरेंसिक जांच से संबंधित पूछे गए प्रश्नों के दस्तावेज पहले नहीं दिए गए हैंं। मौके पर सीबीआई ने यह दस्तावेज देने से इन्कार किया लेकिन अदालत ने जांच टीम को आरोपी पक्ष को केस से जुड़े मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए कहा। इस मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी और गवाह से आरोपी पक्ष की ओर से क्रॉस एग्जामिनेशन किया जाएगा।
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