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कैथल विधानसभा हाइपर सेंसिटिव घोषित
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
Updated Mon, 15 Sep 2014 11:58 PM IST
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कैथल। चुनाव आयोग ने कैथल विधानसभा क्षेत्र को चुनावी खर्च की दृष्टि से हाइपर सेंसिटिव (अति संवेदनशील) घोषित किया है। इस क्षेत्र में खर्चे पर नजर रखने के लिए अलग से चुनाव पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे।
आदर्श आचार संहिता में किए गए प्रावधानों के अनुरूप राजनीतिक दल वोट प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दे सकेंगे। कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरजाघरों या पूजा के स्थानों को प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
रोजाना देना होगा खर्च का ब्यौरा
आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशानुसार प्रत्याशी नामांकन भरने के उपरांत चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित की गई राशि के दायरे में आ जाएंगे और नामांकन के बाद उनके द्वारा किया जाने वाले प्रतिदिन के खर्च का ब्यौरा रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श आचार संहिता के लगने व नामांकन भरने से पूर्व किया जाने वाला चुनाव प्रचार का खर्च राजनीतिक दल के खाते में जुड़ेगा। डीसी एनके सोलंकी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव में कोई भी राजनीतिक दल किसी अन्य दल की आलोचना केवल नीतियों एवं कार्यक्रमों के अनुसार कर सकेगा।
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जनसभा से पहले प्रशासन को देनी होगी सूचना
चुनाव में मतदाताओं को रिश्वत देने, मतदाताओं को डराना धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरुपण, मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर मत याचना करना मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय को खत्म होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को वाहन से मतदान केंद्रों तक ले जाना और वहां से वापस लाना, आदर्श चुनाव आचार संहिता का सरासर उल्लंघन होगा। राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभाओं और जुलूसों में रुकावट पैदा न करें। नेताओं को जनसभाएं करने से पूर्व प्रशासन को पहले से ही सूचना देनी होगी।
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आदर्श आचार संहिता में किए गए प्रावधानों के अनुरूप राजनीतिक दल वोट प्राप्त करने के लिए जातीय या सांप्रदायिक भावनाओं की दुहाई नहीं दे सकेंगे। कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार मंदिरों, मस्जिदों, गुरुद्वारों, गिरजाघरों या पूजा के स्थानों को प्रचार के मंच के रूप में प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
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रोजाना देना होगा खर्च का ब्यौरा
आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशानुसार प्रत्याशी नामांकन भरने के उपरांत चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित की गई राशि के दायरे में आ जाएंगे और नामांकन के बाद उनके द्वारा किया जाने वाले प्रतिदिन के खर्च का ब्यौरा रखना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि आदर्श आचार संहिता के लगने व नामांकन भरने से पूर्व किया जाने वाला चुनाव प्रचार का खर्च राजनीतिक दल के खाते में जुड़ेगा। डीसी एनके सोलंकी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चुनाव में कोई भी राजनीतिक दल किसी अन्य दल की आलोचना केवल नीतियों एवं कार्यक्रमों के अनुसार कर सकेगा।
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जनसभा से पहले प्रशासन को देनी होगी सूचना
चुनाव में मतदाताओं को रिश्वत देने, मतदाताओं को डराना धमकाना, मतदाताओं का प्रतिरुपण, मतदान केंद्र के 100 मीटर के भीतर मत याचना करना मतदान की समाप्ति के लिए नियत समय को खत्म होने वाली 48 घंटे की अवधि के दौरान सार्वजनिक सभाएं करना और मतदाताओं को वाहन से मतदान केंद्रों तक ले जाना और वहां से वापस लाना, आदर्श चुनाव आचार संहिता का सरासर उल्लंघन होगा। राजनीतिक दलों व उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके समर्थक अन्य दलों द्वारा आयोजित सभाओं और जुलूसों में रुकावट पैदा न करें। नेताओं को जनसभाएं करने से पूर्व प्रशासन को पहले से ही सूचना देनी होगी।