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जरा धीरे बोलिए.. भगवान बीमार हैं
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चंडीगढ़। देव स्नान पूर्णिमा के दिन भगवान जगन्नाथ को 108 घड़े के जल से स्नान कराया गया। उसके बाद वे बीमार हो गए हैं। अब उनका मंदिर में ही इलाज चल रहा है। मंदिर के पुजारी जड़ी-बूटियों से उनका इलाज कर रहे हैं। मंदिर में कोई भी तेज आवाज में नहीं बोल सकता है। यदि कोई बोल भी देता है तो उसे रोका जाता है। कहा जाता है, जरा धीरे बोलिए.. भगवान बीमार है। सभी धीरे-धीरे ही बात करते हैं। यह सब सेक्टर-31 के श्री जगन्नाथ मंदिर में हो रहा है।
23 जून को निकलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियां चल रही हैं। भगवान के बीमार होने के कारण मंदिर में पूजा भी बंद है। पुजारी के अलावा मंदिर में किसी को जाने की इजाजत नहीं है। उनका इलाज जड़ी-बूटियों से किया जा रहा है। सुबह-शाम आरती भी बंद है। घंटा घड़ियाल भी नहीं बजता। भजन कीर्तन, भगवान के दर्शन सब बंद है।
श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-31 को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां ने बताया कि ऐसी प्राचीन धार्मिक मान्यता के अनुसार है।
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बीस जून को नेत्र उत्सव
मंदिर में भगवान जगन्नाथ का बीस जून को नेत्र उत्सव होगा। मंदिर पर नया झंडा चढ़ाया जाएगा। भगवान का नयन खुलेगा। नए वस्त्र और आभूषण भगवान को धारण करवाए जाएंगे। इस समय भक्त अपने घरों में भगवान के लिए वस्त्र तैयार कर रहे हैं।
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23 जून को निकलने वाली भगवान श्री जगन्नाथ रथयात्रा की तैयारियां चल रही हैं। भगवान के बीमार होने के कारण मंदिर में पूजा भी बंद है। पुजारी के अलावा मंदिर में किसी को जाने की इजाजत नहीं है। उनका इलाज जड़ी-बूटियों से किया जा रहा है। सुबह-शाम आरती भी बंद है। घंटा घड़ियाल भी नहीं बजता। भजन कीर्तन, भगवान के दर्शन सब बंद है।
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श्री जगन्नाथ मंदिर सेक्टर-31 को संचालित करने वाली संस्था उत्कल सांस्कृतिक संघ के वाइस चेयरमैन एसके भुइयां ने बताया कि ऐसी प्राचीन धार्मिक मान्यता के अनुसार है।
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बीस जून को नेत्र उत्सव
मंदिर में भगवान जगन्नाथ का बीस जून को नेत्र उत्सव होगा। मंदिर पर नया झंडा चढ़ाया जाएगा। भगवान का नयन खुलेगा। नए वस्त्र और आभूषण भगवान को धारण करवाए जाएंगे। इस समय भक्त अपने घरों में भगवान के लिए वस्त्र तैयार कर रहे हैं।