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शहबाज शरीफ का भारत कनेक्शन: पंजाब के जाति उमरा से लाहौर गया था परिवार, पीएम बनने की खबर से पैतृक गांव में जश्न
Mon, 11 Apr 2022 04:48 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, तरनतारन (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Mon, 11 Apr 2022 04:48 PM IST
सार
शहबाज शरीफ पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री होंगे। उनका संबंध भारत के पंजाब से है। तरनतारन के गांव जाति उमरा उनका पैतृक गांव है। 1932 में परिवार लाहौर में बस गया था।
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शहबाज शरीफ
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तानी पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ के पैतृक गांव जाति उमरा के लोग यह दुआ कर रहे हैं कि शाहबाज शरीफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनें। पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पारित होने के बाद नए प्रधानमंत्री के चयन के लिए संयुक्त विपक्ष के उम्मीदवार के रूप में शहबाज शरीफ का नाम आया है।
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इससे शरीफ परिवार के पैतृक गांव जाति उमरा में ग्रामीणों में खुशी छा गई है। उनके पैतृक गांव में लोग उनके पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बनने की अरदास कर रहे हैं। जाति उमरा पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और शहबाज शरीफ के पुरखों का गांव है। गांव के सरपंच रछपाल सिंह, पूर्व सरपंच दिलबाग सिंह और जसपाल सिंह ने बताया कि रविवार को गांव के उस गुरुद्वारा साहिब में शरीफ परिवार की चढ़दी कला के लिए अरदास की गई, जो इस परिवार की पुरखों की हवेली होता था।
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1932 में लाहौर चला गया था परिवार
बुजुर्ग ज्ञान सिंह ने कहा कि मैं नवाज शरीफ से नहीं मिला पर उनके परिवार की गांव के साथ लगाव से अच्छी तरह वाकिफ हूं। 1932 में यह परिवार लाहौर चला गया था। 1947 में देश के बंटवारे के दौरान दोनों देशों के बीच लकीर खींची गई लेकिन शरीफ परिवार पर जब भी कोई संकट आया तो इस गांव के गुरुद्वारा साहिब में परिवार की चढ़दी कला के लिए अरदास की गई। गुरुद्वारा साहिब के ग्रंथी कुलदीप सिंह, ग्रामीण लक्खा सिंह, निरवैल सिंह, बचन सिंह व केवल सिंह ने बताया कि 1932 में शरीफ परिवार जब लाहौर गया तो वहां पर कारखाना लगाया। देश के बंटवारे से पहले उनके कारखाने में गांव के लोग काम करते थे।
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शरीफ परिवार ने पाकिस्तान में बसाया जाति उमरा
शरीफ परिवार को अपने पैतृक गांव जाति उमरा से इतना प्यार है कि उन्होंने पाकिस्तान में लाहौर के पास बाकायदा जाति उमरा को 175 एकड़ में बसाया है। शरीफ परिवार ने लाहौर के पास अपना जो आशियाना बनाया है, उसे पैतृक गांव की याद में जाति उमरा नाम ही दिया है।