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चीन-पाकिस्तान में घुसकर सैन्य ठिकानों की जासूसी करता था ‘कैनबेरा’, उन्हें भनक तक नहीं लगती थी
Thu, 12 Sep 2019 01:35 PM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 12 Sep 2019 01:35 PM IST
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कैनबेरा जेट
- फोटो : फाइल फोटो
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पड़ोसी देश पाकिस्तान से तनावग्रस्त हालातों के मद्देनजर इंडियन एयरफोर्स अब अपनी ऐतिहासिक ‘तारीखों’ के बहाने भी ‘ताकत’ का अहसास दुश्मन को कराने में जुट गई है। यह वे तारीखें है, जिस दिन भारतीय वायुसेना के शूरवीरों ने पाकिस्तान को न केवल धूल चटाई, बल्कि उनके विमानों को नेस्तानाबूत भी किया। इन ऐतिहासिक घटनाओं को इंडियन एयरफोर्स ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया है, ताकि देशवासी इन किस्सों पर गर्व कर सकें और दुश्मन इतिहास को जानकर खबरदार रहे।
पाक-चीन भी नहीं पकड़ पाए हमारी हवाई जासूसी
सन 1962 में भारत-चीन का युद्ध हो या फिर फिर सन 1965 में भारत-पाक युद्ध इंडियन एयरफोर्स की हवाई जासूसी दोनों देश आज तक पकड़ ही नहीं पाए। अब इस ऑपरेशन का खुलासा भारतीय वायुसेना ने किया है। किसी को कानोंकान खबर नहीं थी कि इंडियन एयरफोर्स का कैनबेरा जहाज, अकसर दिनदहाड़े बहुत नीची उड़ान भरता हुआ दूर तक पाकिस्तान में जाकर उनके फौजी ठिकानों व गतिविधियों की फोटो लेकर रेकी करके आता था।
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पाक-चीन भी नहीं पकड़ पाए हमारी हवाई जासूसी
सन 1962 में भारत-चीन का युद्ध हो या फिर फिर सन 1965 में भारत-पाक युद्ध इंडियन एयरफोर्स की हवाई जासूसी दोनों देश आज तक पकड़ ही नहीं पाए। अब इस ऑपरेशन का खुलासा भारतीय वायुसेना ने किया है। किसी को कानोंकान खबर नहीं थी कि इंडियन एयरफोर्स का कैनबेरा जहाज, अकसर दिनदहाड़े बहुत नीची उड़ान भरता हुआ दूर तक पाकिस्तान में जाकर उनके फौजी ठिकानों व गतिविधियों की फोटो लेकर रेकी करके आता था।
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स्कवाड्रन लीडर जेएम नाथ ये काम कई सालों से कुशल व साहसिक ढंग से कर रहे थे। सन 1962 भारत-चीन युद्ध के दौरान को जेएम नाथ को ऐसी ही जोखिम भर फोटो रैकी के लिए महावीर चक्र से नवाजा गया था। 05 सितंबर 1965 को स्कवाड्रन लीड नाथ को पाकिस्तान में इच्छुगिल कनाल की फोटो लेकर रेकी के लिए भेजा गया था।
यह कनाल पाकिस्तान ने लाहौर सेक्टर के साथ-साथ बनाई गई थी, ताकि जंग के दौरान इसमें काफी ज्यादा पानी छोड़ दिया जाए, जिससे भारतीय फौज और आर्मर उसे पार कर पाक सीमा में न घुस सके। स्कवाड्रन लीडर जेएम नाथ ने यह काम बहुत ही सावधानी व होशियारी इस पूरी कनाल की फोटो समेत हवाई रैकी का मिशन पूरा किया।
यह कनाल पाकिस्तान ने लाहौर सेक्टर के साथ-साथ बनाई गई थी, ताकि जंग के दौरान इसमें काफी ज्यादा पानी छोड़ दिया जाए, जिससे भारतीय फौज और आर्मर उसे पार कर पाक सीमा में न घुस सके। स्कवाड्रन लीडर जेएम नाथ ने यह काम बहुत ही सावधानी व होशियारी इस पूरी कनाल की फोटो समेत हवाई रैकी का मिशन पूरा किया।