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चलता फिरता आईसीयू, दुर्गम इलाकों में फंसे कोरोना संक्रमितों को सुरक्षित लाएगा ‘अर्पित’
Wed, 10 Jun 2020 11:37 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 10 Jun 2020 11:37 AM IST
सार
- 60 लाख का एयरबोर्न रेस्क्यू पॉड एयरफोर्स ने 60 हजार में बनाया
- चिनूक हेलीकाप्टर में फिट होगा और क्रू मैंबर्स भी रहेंगे सुरक्षित
- एयरफोर्स चंडीगढ़ के 3 बेस रिपेयर डिपो ने तैयार किया उपकरण
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चलता फिरता आईसीयू
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
'आत्मनिर्भर भारत अभियान' के अंतर्गत भारतीय वायुसेना ने एक ऐसा उपकरण तैयार किया है, जो दुर्गम व रिमोट इलाकों में फंसे संक्रमित मरीजों के इलाज में मददगार साबित होगा। इस उपकरण को एयरबोर्न रेस्क्यू पॉड फॉर आइसोलेटेड ट्रांसपोर्टेशन (अर्पित) नाम दिया गया है। इस उपकरण को आयात करने पर इसकी कीमत 60 लाख पड़ती है।
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चंडीगढ़ स्थित एयरफोर्स की 3 बेस रिपेयर डिपो (बीआरडी) ने इस पॉड को स्वदेशी सामग्री के साथ सिर्फ 60 हजार में तैयार कर दिया है। इस अर्पित उपकरण को एयरफोर्स द्वारा मिनिस्ट्री ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल व सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल यूएसए की गाइडलाइंस के तहत ही तैयार किया गया है।
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यह है इस उपकरण की खासियत
3 बेस रिपेयर डिपो ने फिलहाल सात अर्पित उपकरण तैयार किए हैं। यह एक लाइट वेट आइसोलेशन सिस्टम है, जिसे विशेषज्ञों ने स्वदेशी एविएशन सर्टिफाइड मैटेरियल से तैयार किया है। इस उपकरण में उच्च दक्षता वाला विशेष वायु एच-13 फिल्टर वेंटिलेशन सिस्टम भी अटैच है।
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इस उपकरण को लाइफ सपोर्ट व मॉनिटरिंग इंस्ट्रूमेंट सिस्टम के आधार पर डिजाइन किया गया है। उपकरण को डिफिब्रिलेटर विद मल्टीपैरामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर, इन्फ्यूजन पंप व हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए लॉन्ग आर्म्स ग्लव्स इत्यादि सिस्टम से लैस किया गया है।
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चिनूक दुर्गम इलाकों से संक्रमित मरीजों को निकलेगा
इस उपकरण को उन कोरोना संक्रमित मरीजों व जवानों को इवेक्युएट करने के लिए तैयार किया गया है, जो दुर्गम व रिमोट इलाकों में संक्रमण होने के बाद फंसे हुए हैं। इंडियन एयरफोर्स का चिनूक हेलीकॉप्टर इन मरीजों को दुर्गम इलाकों से निकालकर लाएगा।
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विमान में इन संक्रमित मरीजों व जवानों को इस उपकरण में पैक करके लाया जाएगा, ताकि विमान के सभी क्रू मैंबर्स और साथ में आने वाले हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स संक्रमण से महफूज रह सकें। एयरबेस से इन मरीजों को इसी उपकरण में रखकर एंबुलेंस के जरिए कोविड अस्पतालों तक पहुंचाया जाएगा।
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