सेना के लिए चंडीगढ़ में बनेगा ये खास उपकरण, अंधेरे में भी दुश्मन का काम होगा तमाम, पढें कैसे
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इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित आर्डिनेंस फैक्ट्री (ओएफ) में अब भारतीय सेना के टैंकों के लिए थर्मल इमेजिंग साइट बनाई जाएगी। अभी तक यह उपकरण देहरादून के ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री में ही बनाया जाता था। चंडीगढ़ की आर्डिनेंस फैक्ट्री को 50 थर्मल इमेजिंग साइट बनाने के लिए ऑर्डर मिला है। वर्तमान में चंडीगढ़ की आर्डिनेंस फैक्ट्री सेना के लिए केबल बनाने के लिए मशहूर है लेकिन अब अन्य बड़े उपकरण भी बनाने की तैयारी है।
थर्मल इमेजिंग साइट को बनाने के लिए काफी इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पड़ेगी। इसलिए हाई लेवल लैब को बनाने के लिए आर्डिनेंस फैक्ट्री की तरफ से टेंडर किया गया है। आर्डिनेंस फैक्ट्री के जनरल मैनेजर बीपी मिश्रा ने बताया कि भारतीय सेना के सभी टैंकों में थर्मल इमेजिंग साइट को इंस्टॉल किया जा रहा है, इसलिए इसकी मांग काफी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि आने वाले साल में भी इस तकनीक की मांग काफी ज्यादा है, इसलिए चंडीगढ़ की आर्डिनेंस फैक्ट्री में थर्मल इमेजिंग साइट को बनाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है। सेना की डिमांड को पूरा करने के बाद एक्सपोर्ट करने पर भी विचार किया जाएगा।
अंधेरे में भी दुश्मनों को मार गिराएगा ‘थर्मल इमेजिंग’
आर्डिनेंस फैक्ट्री के एडिशनल जनरल मैनेजर एचएस भाटिया ने बताया कि ‘थर्मल इमेजिंग’ नाइट साइट के इस्तेमाल से अंधेरे में भी दुश्मन के बंकरों पर सटीक निशाना साधा जा सकता है। यह तकनीक रात के अंधेरे में दुश्मन के थर्मल फुटप्रिंट को पकड़ेगी और फिर उसकी तस्वीर बनाएगी। इसके बाद दुश्मन अंधेरे में कहीं भी छुप नहीं सकता है। इसका इस्तेमाल सैनिक पूरी तरह से अंधेरे में लगातार आगे बढ़ने और बंकरों को नष्ट करने के अभियानों में करेंगे।
एचएस भाटिया ने बताया कि पहले टैंक के अंदर बैठे जवान नाइट विजन चश्मे पहनते थे, ताकि टैंक के अंदर बैठने और सटीक निशाना लगाने में मुश्किल न हो। अब भारत सरकार ने सभी टैंकों में इस तकनीक को लगाने का फैसला किया। टैंकों में थर्मल इमेजिंग साइट को लगाने का काम पिछले कई साल से चल रहा है लेकिन इसकी डिमांड काफी ज्यादा है, इसलिए आर्डिनेंस फैक्ट्री में इसे बनाया जाएगा। नाइट साइट रात के दौरान अधिक क्षमता के साथ सैनिकों को दुश्मनों के टैंकों का पता लगाने और सैनिकों के आगे बढ़ने में मदद करेगा।
आर्डिनेंस फैक्ट्री वर्तमान में सेना को सप्लाई करता है हाईटेक केबल
आर्डिनेंस फैक्टरी में कैरियर क्वाड केबल, ट्वेंटी कंडक्टर केबल, एंटी पर्सोनल केबल का निर्माण किया जाता है। ये सभी केबल भारतीय सेना को सप्लाई की जाती हैं। 1985 में वायुसेना के लिए एयर फील्ड लाइटिंग केबल भी यहां बननी शुरू हुई। इसके अलावा डीआरडीओ, टीबीआरएल, सीएफईईएस और एसएएसई को रेडियो फ्रीक्वेंसी को एक्सिएल केबल की आपूर्ति की जाती है। इस फैक्ट्री में तैयार जैलीफील्ड केबल की आपूर्ति अर्द्धसैनिक बलों और भारतीय थल सेना को की जा रही है। सभी केबल में 99.99 प्रतिशत शुद्ध कॉपर और प्योर इंसुलेटिंग मैटीरियल का प्रयोग किया जा रहा है।