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थॉमस कप जीतने के बाद भारत पावर हाउस बनकर उभरा : पुलेला गोपीचंद 

Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Tue, 10 Jan 2023 07:00 AM IST
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India has emerged as a power house after winning the Thomas Cup: Pullela Gopichand
बैडमिंटन टूर्नामेंट के में पहुंचे पुल्लेला गोपीचंद। - फोटो : CHANDIGARH
चंडीगढ़। थॉमस कप जीतने के बाद भारत बैडमिंटन में एक पावर हाउस बनकर उभरा है। कप को जीतना देश के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि रही है। भारतीय खिलाड़ी अब टॉप के विदेशी बैडमिंटन खिलाड़ियों को चित करते हुए जीतने का दम रखने लगे हैं। यह कहना है पद्मश्री और भारतीय राष्ट्रीय बैडमिंटन टीम के कोच पुलेला गोपीचंद का। वह सोमवार को स्पोर्ट्स कांप्लेक्स-38 वेस्ट में ऑल इंडिया रैंकिंग बैडमिंटन चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे थे।
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उन्होंने कहा कि थॉमस कप में जीत हमने वर्तमान कोचिंग प्रणाली से हासिल की है। बिना कोचों के यह संभव नहीं था। हमें इस खेल के लिए और भी कोचों की जरूरत है। टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों की आयु छिपाकर गड़बड़ी किए जाने के मसले पर गोपीचंद ने कहा कि इस तरह की हरकतों में शामिल रहने वालों पर सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए ताकि खेल से जुड़े तंत्र न केवल साफ-सुथरा बना रहे बल्कि अन्यों के लिए एक सबक की तरह होना चाहिए। उन्होंने इस तरह के मामलों में शामिल होने पर फेडरेशन की ओर से सख्त नियम बनाए जाने चाहिए।
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अब मिल रहीं तमाम सुविधाएं
गोपीचंद ने कहा कि जब वह खेला करते थे उस समय में सीमित संसाधन हुआ करते थे जबकि अब खिलाड़ियों के पास खुद के टैलेंट को निखारने के लिए पर्याप्त एक्पोजर और सुविधाएं हैं। जब वह खेला करते थे तो दो बैडमिंटन कोर्ट हुआ करते थे जबकि अब स्थिति बदली हुई है। अब एक साथ 10 कोर्ट पर मुकाबले हो रहे हैं।
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छह साल में काफी कुछ बदला
गोपीचंद ने कहा कि वर्ष 2016 में शहर आए थे तब और अब में हालात काफी बदले हुए हैं। अब ज्यादा टैलेंट और खिलाड़ी देखने को मिले। इस टूर्नामेंट में मुझे दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र के खिलाड़ियों ने काफी प्रभावित किया है। कई खेलों में एक से अधिक एसोसिएशन बनने के सवाल पर उनका कहना था कि बैडमिंटन कम से कम इससे बची हुई है। बैडमिंटन में हस्तक्षेप नहीं है। जूनियर रैकिंग बैडमिंटन चैंपियनशिप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को गोपीचंद ने मूलमंत्र देते हुए कहा कि खेलने से पहले यह मत सोचना कि हमारा हमारा प्रतिद्वंदी मजबूत है। बस सकारात्मक सोच लेकर कोर्ट पर उतरो।
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