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गर्मी में बढ़ी स्किन की समस्या, पीजीआई के टेली कंसल्टेशन में हर रोज 40 से 50 मरीज हो रहे पंजीकृत
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चंडीगढ़। गर्मी बढ़ने के साथ त्वचा की बीमारियां बढ़ रही हैं। लोगों को फंगल इंफेक्शन, खुजली, स्किन पर दाने और तमाम ऐसी शिकायतें परेशान करने लगी हैं। स्थिति यह है कि अस्पतालों में स्किन की ओपीडी बंद होने के कारण उन्हें समय पर इलाज न मिलने से समस्या बढ़ती जा रही है। उन मरीजों के लिए पीजीआई का टेली कंसल्टेशन सर्विस सहारा बन रहा है।
पीजीआई के टेली कंसल्टेशन सर्विस में हर दिन 40 से 50 ऐसे मरीज पंजीकृत किए जा रहे हैं। स्किन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को टेलीकंसल्टेशन में पीजीआई के विशेषज्ञ व्हाट्सएप के जरिए रिपोर्ट मंगा कर इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, मरीजों के स्किन संबंधी समस्या की फोटो व्हाट्सएप के जरिए मंगा कर देखी जा रही है।
पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि जिन मरीजों की रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें अस्पताल में बुलाकर फिजिकली चेक करने की जरूरत महसूस हो रही है, उन्हें ओपीडी में अलग-अलग समय पर बुलाया जा रहा है। डॉ. अशोक का कहना है कि स्किन संबंधी मर्ज में बिना ठीक से पड़ताल किए इलाज करना परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार कुछ मरीजों को ओपीडी में बुलाना पड़ रहा है।
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बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
टाइट कपड़े न पहनें, कॉटन के हल्के और ढीले ढाले कपड़े पहनें, कपड़ा गीला हो जाए तो उसे तत्काल बदल दें, धुले हुए कपड़ों को अंदर और बाहर दोनों तरफ से प्रेस करें ताकि उसके बैक्टीरिया समाप्त हो जाएं, मोजों पर ध्यान ज्यादा दें क्योंकि पैर के जरिए बैक्टीरिया और इंफेक्शन तेजी से शरीर में प्रवेश करते हैं, कॉटन के मोजे का प्रयोग करें, अगर ज्यादा देर तक जूते पहनकर रहना हो तो बीच-बीच में कुछ मिनट के लिए जूतों को खोल दें, टाइट जूते न पहनें। खानपान में भी सावधानी बरतें, ज्यादा तला-भुना और मसाले वाला खाद्य पदार्थ न खाएं।
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पीजीआई के टेली कंसल्टेशन सर्विस में हर दिन 40 से 50 ऐसे मरीज पंजीकृत किए जा रहे हैं। स्किन संबंधी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को टेलीकंसल्टेशन में पीजीआई के विशेषज्ञ व्हाट्सएप के जरिए रिपोर्ट मंगा कर इलाज कर रहे हैं। इतना ही नहीं, मरीजों के स्किन संबंधी समस्या की फोटो व्हाट्सएप के जरिए मंगा कर देखी जा रही है।
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पीजीआई प्रवक्ता डॉ. अशोक कुमार का कहना है कि जिन मरीजों की रिपोर्ट देखने के बाद उन्हें अस्पताल में बुलाकर फिजिकली चेक करने की जरूरत महसूस हो रही है, उन्हें ओपीडी में अलग-अलग समय पर बुलाया जा रहा है। डॉ. अशोक का कहना है कि स्किन संबंधी मर्ज में बिना ठीक से पड़ताल किए इलाज करना परेशानी बढ़ा सकता है, इसलिए जरूरत के अनुसार कुछ मरीजों को ओपीडी में बुलाना पड़ रहा है।
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बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय
टाइट कपड़े न पहनें, कॉटन के हल्के और ढीले ढाले कपड़े पहनें, कपड़ा गीला हो जाए तो उसे तत्काल बदल दें, धुले हुए कपड़ों को अंदर और बाहर दोनों तरफ से प्रेस करें ताकि उसके बैक्टीरिया समाप्त हो जाएं, मोजों पर ध्यान ज्यादा दें क्योंकि पैर के जरिए बैक्टीरिया और इंफेक्शन तेजी से शरीर में प्रवेश करते हैं, कॉटन के मोजे का प्रयोग करें, अगर ज्यादा देर तक जूते पहनकर रहना हो तो बीच-बीच में कुछ मिनट के लिए जूतों को खोल दें, टाइट जूते न पहनें। खानपान में भी सावधानी बरतें, ज्यादा तला-भुना और मसाले वाला खाद्य पदार्थ न खाएं।