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अगले बजट में पीयू को चाहिए अतिरिक्त 100 करोड़, केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:10 AM IST
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Panjab University
- फोटो : File Photo
सातवें पे कमीशन की सिफारिशें जारी होने के बाद बजट की जद्दोजहद से जूझ रही पंजाब यूनिवर्सिटी को अगले बजट में करीब 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त चाहिए। 33 करोड़ रुपये का उछाल तनख्वाह में आया है और करीब 67 करोड़ रुपये एरियर के लिए चाहिए, क्योंकि पे कमीशन की सिफारिशों के मुताबिक दो साल का एरियर भी दिया जाना है।
सातवें पे कमीशन को लेकर पीयू की फाइनेंस कमेटी मंथन कर रही है और इस अतिरिक्त बोझ पर पार पाने के लिए काम किया जा रहा है। हालांकि वीसी पहले ही कह चुके हैं कि स्टूडेंट्स पर बोझ नहीं आने दिया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक इस बार पीयू अपना बजट दिसंबर में ही जारी कर सकती है। अब तक की हुुई चर्चा में सामने आया है कि 2018-19 के सेशन के लिए पीयू को करीब 627 करोड़ की जरूरत है। 273 करोड़ रुपये की आमदनी होगी और 354 करोड़ रुपये डेफिसिएट बजट है। पीयू को फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर ढाई सौ करोड़ रुपये मिलते हैं और अब यह जरूरत साढ़े तीन से करोड़ रुपये को पार कर गई है।
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केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पीयू पर पड़े अतिरिक्त बोझ की एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जल्द ही केंद्र और यूजीसी में भेजी जाएगी ताकि वहां से जारी होेने वाले बजट से पहले उसमें सुधार कराया जा सके। दो साल का एरियर भी देना है और बढ़ी हुई तनख्वाह भी, जिसमें 20 से 30 फीसदी का उछाल आया है।
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सातवें पे कमीशन को लेकर पीयू की फाइनेंस कमेटी मंथन कर रही है और इस अतिरिक्त बोझ पर पार पाने के लिए काम किया जा रहा है। हालांकि वीसी पहले ही कह चुके हैं कि स्टूडेंट्स पर बोझ नहीं आने दिया जाएगा।
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सूत्रों के मुताबिक इस बार पीयू अपना बजट दिसंबर में ही जारी कर सकती है। अब तक की हुुई चर्चा में सामने आया है कि 2018-19 के सेशन के लिए पीयू को करीब 627 करोड़ की जरूरत है। 273 करोड़ रुपये की आमदनी होगी और 354 करोड़ रुपये डेफिसिएट बजट है। पीयू को फिलहाल केंद्र और राज्य सरकार से मिलाकर ढाई सौ करोड़ रुपये मिलते हैं और अब यह जरूरत साढ़े तीन से करोड़ रुपये को पार कर गई है।
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केंद्र को भेजा जाएगा प्रस्ताव
पीयू पर पड़े अतिरिक्त बोझ की एक विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जल्द ही केंद्र और यूजीसी में भेजी जाएगी ताकि वहां से जारी होेने वाले बजट से पहले उसमें सुधार कराया जा सके। दो साल का एरियर भी देना है और बढ़ी हुई तनख्वाह भी, जिसमें 20 से 30 फीसदी का उछाल आया है।