फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   In the current context, a special seminar was organized on the topic of martyrdom of Shri Guru Tegh Bahadur Ji.

Chandigarh News: वर्तमान प्रसंग में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत विषय पर विशेष गोष्ठी का आयोजन

Mon, 15 Dec 2025 02:03 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Dec 2025 02:03 AM IST
विज्ञापन
In the current context, a special seminar was organized on the topic of martyrdom of Shri Guru Tegh Bahadur Ji.
चंडीगढ़। सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में रविवार को वर्तमान प्रसंग में श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत विषय पर विशेष गोष्ठी का आयोजन हुआ। यह आयोजन पंजाबी लेखक सभा चंडीगढ़ और केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा की ओर से और पंजाब कला परिषद के सहयोग से हुआ।
विज्ञापन

मंच का संचालन पंजाबी लेखक सभा के महासचिव भूपिंदर सिंह मलिक ने किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी का बलिदान हमें मानवता का एक अनूठा संदेश देता है। सभा के अध्यक्ष दीपक शर्मा चनारथल ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह के संवादों का सृजन करके साहित्यिक संगठन उस शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिसका कोई अन्य उदाहरण नहीं है।
विज्ञापन

सुरजीत सिंह धीर ने गुरु तेग बहादुर जी के शबद और लाभ सिंह लेहली ने धार्मिक गीत गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। विचारक डॉ. अवतार सिंह पतंग ने संगोष्ठी का उद्घाटन करते हुए सार्वभौमिक बंधुत्व की अवधारणा के संदर्भ में इस बलिदान पर तार्किक विचार प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर के पंजाबी विभाग के प्रमुख डॉ मनजिंदर सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर सृष्टि के चादर थे। उन्हाेंने हमें विविधता में एकता के संदेश के माध्यम से द्वैत से मुक्त रहने के लिए गुरु साहिब के मार्ग का अनुसरण करने का आहवान किया। केंद्रीय पंजाबी लेखक सभा के वरिष्ठ उप प्रधान मक्खन कुहाड़ ने कहा कि आज के समय में भी चुनौतियां अलग नहीं है। उन्हें समझने और आत्मनिरीक्षण करने की आवश्यकता है।

केंद्रीय पंजाब लेखक सभा के अध्यक्ष दर्शन बूट्टर ने कहा कि धर्म और सांप्रदायिकता अलग अलग चीजें हैं। हमारा दृष्टिकोण स्पष्ट होना चाहिए। चंडीगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन ने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने इतिहास से क्या सीखा है। गुरु साहब के साथ शहीद हुए भाई मतिदास, भाई सतीदास और भाई दयाला की शहादत हमारी विरासत का प्रतिनिधित्व करती है, जहां दृढ़ता को सबसे बड़ी ताकत के रूप में दिखाया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed