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Chandigarh News: 1962 वाला भारत नहीं, युवा ही देश की ताकत
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चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि भारत को कमजोर करने की साजिश में अब उसकी युवा पीढ़ी को नशे की ओर धकेला जा रहा है। नशा इस साजिश का नया हथियार है। युवाओं से नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इससे बचाने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि यही देशभक्ति है। शनिवार देर रात जेन-जी अगेंस्ट ड्रग्स-युवा भारत, नशामुक्त भारत अभियान के कार्यक्रम में राज्यपाल ने युवाओं को संबोधित किया। सेक्टर-17 प्लाजा में करीब पांच हजार युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया।
कटारिया ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने युद्ध के मैदान में अपनी ताकत दिखाई और दुनिया को पता चल गया कि यह 1962 वाला भारत नहीं, आज का भारत है। देश की सुरक्षा और मजबूती में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा, संगीत और सकारात्मक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने को कहा।
राज्यपाल ने बॉर्डर दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह ऐसी जगह गए, जहां सीमा के दोनों ओर खेत महज कुछ फीट की दूरी पर हैं। ऐसे इलाके में युद्ध की चुनौती के बावजूद भारतीय जवान पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आए पटाखों को जवानों ने आसमान में ही नष्ट कर दिया। गांव खाली करने की बात आई तो ग्रामीणों ने भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब जवान सीमा पर लड़ रहा है तो वे गांव छोड़कर नहीं जाएंगे।
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हमारे बच्चों को नशे से बचा लो
कटारिया ने कहा कि देश के वीर जवानों के बावजूद युवा पीढ़ी नशे से घायल हो रही है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर पदयात्रा के दौरान माताएं आंखों में आंसू लेकर उनके पास आईं और कहा, गवर्नर साहब, कुछ कर सकते हो तो करो, हमारे बच्चों को नशे से बचा लो। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रशासन जुटा हुआ है और इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
कुलदीप शर्मा के गीतों पर झूमे युवा
कार्यक्रम में करीब पांच हजार युवाओं ने नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प लिया। नाटी किंग कुलदीप शर्मा की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही और उनके गीतों पर युवा झूम उठे। अभियान के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि युवाओं और समाज की भागीदारी से चंडीगढ़ और पंजाब को नशामुक्त बनाने के अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।
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कटारिया ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि भारत ने युद्ध के मैदान में अपनी ताकत दिखाई और दुनिया को पता चल गया कि यह 1962 वाला भारत नहीं, आज का भारत है। देश की सुरक्षा और मजबूती में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने युवाओं से खेल, शिक्षा, संगीत और सकारात्मक गतिविधियों को जीवन का हिस्सा बनाने को कहा।
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राज्यपाल ने बॉर्डर दौरे का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह ऐसी जगह गए, जहां सीमा के दोनों ओर खेत महज कुछ फीट की दूरी पर हैं। ऐसे इलाके में युद्ध की चुनौती के बावजूद भारतीय जवान पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने कहा कि सीमा पार से आए पटाखों को जवानों ने आसमान में ही नष्ट कर दिया। गांव खाली करने की बात आई तो ग्रामीणों ने भी इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब जवान सीमा पर लड़ रहा है तो वे गांव छोड़कर नहीं जाएंगे।
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हमारे बच्चों को नशे से बचा लो
कटारिया ने कहा कि देश के वीर जवानों के बावजूद युवा पीढ़ी नशे से घायल हो रही है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर पर पदयात्रा के दौरान माताएं आंखों में आंसू लेकर उनके पास आईं और कहा, गवर्नर साहब, कुछ कर सकते हो तो करो, हमारे बच्चों को नशे से बचा लो। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ प्रशासन जुटा हुआ है और इसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं।
कुलदीप शर्मा के गीतों पर झूमे युवा
कार्यक्रम में करीब पांच हजार युवाओं ने नशे से दूर रहने का सामूहिक संकल्प लिया। नाटी किंग कुलदीप शर्मा की प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रही और उनके गीतों पर युवा झूम उठे। अभियान के संयोजक संजीव राणा ने कहा कि युवाओं और समाज की भागीदारी से चंडीगढ़ और पंजाब को नशामुक्त बनाने के अभियान को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा।