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Chandigarh News: जीएमसीएच-32 में 23 अभ्यर्थियों ने गैर कानूनी तौर पर दो प्रदेशों में किया आवेदन, फिर भी मेरिट लिस्ट में शामिल

Sat, 26 Aug 2023 01:19 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Aug 2023 01:19 AM IST
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In GMCH-32, 23 candidates applied illegally in two states, yet included in the merit list
चंडीगढ़। जीएमसीएच-32 में एमडी और एमएस में प्रवेश में मनमानी का खेल सामने आया है। इसकी पुष्टि कॉलेज प्रशासन की ओर से जारी मेरिट लिस्ट से हुई है। कॉलेज की मेरिट लिस्ट में शामिल 23 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने मानकों की अनदेखी करते हुए गैर कानूनी तौर पर दो प्रदेशों में आवेदन किया है। इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को भी है, बावजूद इसके उन अभ्यर्थियों को मेरिट लिस्ट में शामिल किया गया है। इस संबंध में दो डॉक्टरों ने कॉलेज की डायरेक्टर प्रिंसिपल डॉ. जसविंदर कौर को लिखित शिकायत भी दी है। वहीं, मामले पर एफआईआर दर्ज करने की भी तैयारी है। चौंकाने वाली बात यह है कि कॉलेज प्रशासन ने एमबीबीएस में तो डोमेसाइल की बाध्यता को विवरणिका में शामिल किया है, लेकिन एमडी एवं एमएस की विवरणिका से ये गायब है जबकि इसकी जानकारी को शामिल करना अनिवार्य है। इस मानक के न होने से पूर्व में हुए प्रवेश पर भी आपत्ति उठने लगी है।
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नर्सिंग की ही तरह डॉक्टरी में भी फर्जीवाड़ा
मानकों से खिलवाड़ करते हुए सबसे ज्यादा हरियाणा के 13 अभ्यर्थियों ने दो जगह का डोमेसाइल प्रयोग किया है। वहीं, इसके बाद पंजाब के 9 और हिमाचल के एक छात्र की जानकारी मिली है। सूत्रों का कहना है कि महज तीन प्रदेशों के मेरिट लिस्ट की जांच से कुल सीटों में से 33 प्रतिशत फर्जी आवेदक सामने आए हैं। ऐसे में अगर प्रशासन देश के सभी प्रदेशों के मेरिट लिस्ट की जांच कराए तो यह प्रतिशत 50 से 60 तक आ जाएगा।
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आईपी और यूटी पूल को लेकर मचा है बवाल
बता दें कि इस साल की प्रवेश प्रक्रिया में पूर्व स्वास्थ्य सचिव की ओर से इंस्टीट्यूशनल पूल और यूटी पूल के मानकों में किए गए बदलाव पर बवाल मचा हुआ है। इसमें धांधली की आशंका जताई जा रही है। लेकिन डबल डोमेसाइल का मामला सामने आने से इस बात की पुष्टि हो गई है कि मानकों की अनदेखी कर बाहर के अभ्यर्थियों को धड़ल्ले से प्रवेश दिया जा रहा है। इसके बावजूद चंडीगढ़ के हिस्से आने वाली सीटों को भी बाहरी राज्यों के छात्रों के नाम करने पर जोर लगा हुआ है जिससे संबंधित मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चल रहा है। अगली सुनवाई 5 सितंबर को है जबकि प्रवेश की दूसरी काउंसलिंग 4 सितंबर को होनी है। वहीं, पहली काउंसलिंग के परिणाम पर ही अभी संशय बना हुआ है। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी काउंसलिंग हाईकोर्ट के आदेश के बिना ही होगी।
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...तो इसलिए विशेषज्ञों की कमेटी ने गलत ठहराया था
पूर्व स्वास्थ्य सचिव की ओर से एमडी एवं एमएस प्रवेश प्रक्रिया में किए गए बदलाव को कॉलेज की विशेषज्ञों की कमेटी ने लागू न करने की संस्तुति की थी। अब डबल डोमेसाइल की बात सामने आने से यह बात समझ में आ रही है कि कमेटी इस गड़बड़ी में शामिल नहीं होना चाहती थी। इसलिए उसने पहले ही उससे किनारा कर लिया है। आरटीआई के जवाब में कॉलेज प्रशासन ने यह स्वीकार किया है कि इंस्टीट्यूशल पूल रिजर्व और यूटी पूल मेरिट पूल है। चंडीगढ़ के छात्रों को दोनों ही विकल्पों के प्रयोग का पूरा अधिकार है।
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