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एयरपोर्ट पर शूटिंग किट गुम न होती तो बदल सकता था मेडल का रंग

Sun, 08 Sep 2019 12:51 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2019 12:51 AM IST
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if shooting kit not lost at airport, then medal colour should change
चंडीगढ़। एयरपोर्ट पर अगर समय से शूटिंग किट मिल जाती तो रियो वर्ल्ड कप में मेडल का रंग बदला सकता था। मैच से तीन दिन पहले तक बैग नहीं मिल पाने से अभ्यास नहीं कर सकी। इस वजह से टीम इवेंट में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। यह कहना है भारत को ओलंपिक कोटा दिलाने वाली सिटी की स्टार शूटर अंजुम मोदगिल का। वह ब्राजील से शुक्रवार को भारत लौटी हैं। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में अंजुम ने कहा कि वर्ल्ड कप से पहले अभ्यास न करने का प्रदर्शन पर असर पड़ा। ब्राजील में रियो वर्ल्डकप में टीम इवेंट में सिर्फ कांस्य पदक जीतने से थोड़ा नर्वस रही, लेकिन इसका मुख्य कारण यह रहा कि मैच से पहले अभ्यास का समय ही नहीं मिला।
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अंजुम मैच से तीन दिन पहले ब्राजील पहुंच गई थी, लेकिन उनकी शूटिंग किट एयरपोर्ट पर कहीं खो गई। इसे लेकर उनका पूरा समय एयरपोर्ट आने-जाने में लगा रहा। यह एक नया अनुभव जैसा रहा। यह खिलाड़ी के साथ कभी भी हो सकता हैं। खिलाड़ी को हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
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सरकार की ओर से अर्जुन अवार्ड की घोषणा पर अंजुम ने कहा कि यह गर्व की बात है। अवार्ड सेरेमनी के दौरान ब्राजील वर्ल्ड कप में व्यस्त रही। अंजुम ने कहा कि यूके में 2022 में होने वाली कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग को बाहर कर दिया गया है। इसे लेकर थोड़ी निराश जरूर हूं, लेकिन इसे लेकर फेडरेशन और सरकार प्रयास कर रही है।
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देश के शूटराें का वर्ल्ड में बोलबाला
अंजुम ने कहा कि पिछले कुछ साल से देश के युवा शूटिंग में नया मुकाम हासिल कर रहे हैं। वर्ल्ड में खेले जाने वाले लगभग सभी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में भारतीय खिलाड़ी देश के लिए मेडल जीत कर ला रहे हैं। फेडरेशन और सरकार ग्रास रूट पर अच्छा काम कर रही हैं। इसके साथ ही बेहतर कोचिंग स्टाफ, फिजियो और ट्रेनर मिल रहे हैं, जिसका परिणाम मेडल के रूप में दिख रहा है।
देश को मिल चुके हैं 9 ओलंपिक कोटा
अंजुम ने कहा कि भारत को अभी तक ओलंपिक के लिए 9 कोटे मिले चुके हैं। ओलंपिक से पहले अभी कुछ महत्वपूर्ण प्रतियोगिताएं होनी हैं। मेरी कोशिश रहेगी कि भारत को 50 मीटर में ओलंपिक कोटा दिला सकूं। अंजुम ने हाल की में 10 मीटर एयर राइफल में भारत को ओलंपिक कोटा दिलाया था। अब वह भारत को दूसरा ओलंपिक कोटा दिलाने केलिए प्रयास करेंगी। इसकेलिए वह इसी साल होने वाली प्रतियोगिताआें के लिए अभ्यास करना चाहती हैं।
शूटिंग का सफर
साल 2009 में एनसीसी से शूटिंग का सफर शुरू किया। 10 मीटर एयर राइफल, 50 मीटर 3 पोजिशन और 50 मीटर प्रोन राइफल शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं। साल 2010 से भारतीय महिला शूटिंग टीम का हिस्सा हैं। देश के लिए 14 इंटरनेशनल इवेंट में हिस्सा लेते हुए 12 पदक जीतने में सफल रही हैं।

चोटिल खिलाड़ी को मैदान पर दोबारा उतराना चुनौती : डॉ. धर्म पांडे
इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट के प्रेसिडेंट डॉ. धर्म पांडे ने बताया कि बताया कि चोट हमारे जीवन का हिस्सा है। खिलाड़ियों का चोट से गहरा नाता है। खेलते समय एक खिलाड़ी को चोटिल होने के बाद दोबारा से उसे मैदान पर उतराना फिजियोथेरेपिस्ट के लिए सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण काम रहता है। कम समय में खिलाड़ियों को वापस मैदान पर लौटने के काबिल बनाने के लिए लेटेस्ट इक्विपमेंट व टेक्नोलॉजी काम करती है। डॉ. धर्म पांडे ने बताया कि टेनिस और बैडमिंटन केखेल में सबसे अधिक खिलाड़ियाें को मैच में इंजरी होती है।
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