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पीयू को भरनी है ऊंची उड़ान तो फार्मेसी, मैनेजमेंट विभागों पर देना होगा ध्यान

Fri, 19 Nov 2021 12:21 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 12:21 AM IST
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If PU has to fly high, then pharmacy, management departments will have to pay attention
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय को यदि ऊंची उड़ान भरनी है तो फार्मास्युटिकल व यूबीएस विभागों पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इन विभागों को बजट से लेकर सुविधाओं तक की आवश्यकता है। यूबीएस विभाग को फिलहाल चरम पर चल रही राजनीति से मुक्ति चाहिए। विभाग का अच्छा नेतृत्व करने वाला अधिकारी चाहिए। अभी तक विभाग को विभागाध्यक्ष नहीं मिल पाया है।
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फार्मास्युटिकल विभाग की देश में दूसरी रैंक
फार्मास्युटिकल विभाग की देश में रैंकिंग दूसरे स्थान पर है। यहां के शोध इतने प्रभावी हैं कि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में जगह बनाते हैं और पीयू की रैंकिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह विभाग लगातार तीन वर्ष से अपनी रैंकिंग पर कायम है। पहले नंबर पर यह विभाग आना चाहता है, लेकिन उसके सामने बजट व संसाधनों का अभाव है। यहां के पांच से अधिक वैज्ञानिक हाल में जारी विश्व रैंकिंग में बाजी मारे हैं। पीयू इस विभाग की ओर विशेष ध्यान नहीं दे रही। हर विभाग की तरह ही इसे भी समझा जा रहा है, जबकि इस पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। कुछ शिक्षकों का कहना है कि जो लक्ष्य वह तय करते हैं वह धन के अभाव में पूरा नहीं हो पाता। हालांकि, विभाग ने पीयू के उच्चाधिकारियों से कहा है कि विभाग को विशेष बजट मुहैया कराएं। विभागाध्यक्ष प्रो. इंदुपाल कौर का कहना है कि उम्मीद है कि पीयू रिसर्च आदि के लिए अधिक बजट और संसाधन मुहैया कराएगी।
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यूबीएस ने दो साल पहले तक की खूब तरक्की
इसी तरह पीयू का यूबीएस विभाग है। यह विभाग विश्व में 15वां स्थान रखता था। एमबीए करने वाले विद्यार्थियों की प्लेसमेंट भी जबरदस्त थी। इस विभाग ने दो साल पहले तक खूब तरक्की की। छात्रों को भी खूब आनंद आया। मगर अब यहां राजनीति हावी है। इस विभाग के कुछ शिक्षक आधिकारिक पदों पर चले गए। शिक्षकों की कमी हो गई। कुछ शिक्षक राजनीति में लगे हैं। इसकी शिकायत बकायदा पीयू वीसी तक पहुंची। विभाग को चेयरमैन भी नहीं मिल पा रहा। क्योंकि मामला पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। बड़े अफसर इस विभाग की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यही हालत विभाग की रही तो यहां के प्लेसमेंट पर बड़ा असर पड़ेगा। साथ ही पीयू की रैंकिंग भी इसके चलते प्रभावित होगी।
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