फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   If allotted government housing, take possession within 14 days; miss the deadline and you stay out for a year

Chandigarh News: सरकारी मकान मिला तो 14 दिन में लें कब्जा, चूके तो एक साल बाहर

Tue, 21 Jul 2026 02:45 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jul 2026 02:45 AM IST
विज्ञापन
If allotted government housing, take possession within 14 days; miss the deadline and you stay out for a year
चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सरकारी आवासों के आवंटन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से सरकारी आवास (चंडीगढ़ प्रशासन जनरल पूल) आवंटन (संशोधन) नियम-2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। संशोधित प्रावधानों में सरकारी मकानों के आवंटन, तकनीकी कब्जा (पेपर पोजेशन), वास्तविक कब्जा (फिजिकल पोजेशन) और लाइसेंस फीस से जुड़े नियमों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
विज्ञापन

नए नियमों के अनुसार जिस कर्मचारी को सरकारी आवास आवंटित होगा, उसे आवंटन पत्र मिलने के बाद निर्धारित अवधि के भीतर संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) से संपर्क कर मकान का कब्जा लेना होगा। यह समय सीमा आवास की श्रेणी के अनुसार 14 या 21 दिन होगी। यदि कर्मचारी 14 दिनों के भीतर आवंटन स्वीकार नहीं करता या कब्जा नहीं लेता, तो वह आवंटन पत्र जारी होने की तारीख से अगले एक वर्ष तक किसी अन्य सरकारी आवास के लिए पात्र नहीं रहेगा।
विज्ञापन

पहले पेपर पोजेशन, फिर मिलेगा मकान का फिजिकल कब्जा
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि तकनीकी कब्जा लेने के बाद कर्मचारी को पांच कार्य दिवस के भीतर रखरखाव एजेंसी से मकान का फिजिकल पोजेशन लेना होगा। यदि मकान तत्काल रहने योग्य स्थिति में नहीं है, तो पहले पेपर पोजेशन रिपोर्ट जारी की जाएगी। आवश्यक मरम्मत और अन्य कार्य पूरे होने के बाद आवास को रहने योग्य घोषित कर फिजिकल पोजेशन रिपोर्ट जारी होगी और कर्मचारी को वास्तविक कब्जा सौंपा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

देनदारी फिजिकल पोजेशन लेने की तारीख से होगी लागू
संशोधित नियमों में लाइसेंस फीस से जुड़े प्रावधान भी बदले गए हैं। अब कर्मचारी पर लाइसेंस फीस की देनदारी फिजिकल पोजेशन लेने की तारीख से लागू होगी। हालांकि, यदि कोई कर्मचारी आवंटन स्वीकार करने के बावजूद तय समय में तकनीकी कब्जा लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं करता, तो उससे एक महीने की लाइसेंस फीस तथा उस तिथि तक का शुल्क वसूला जाएगा, जब तक किसी नए आवंटी को मकान का कब्जा नहीं मिल जाता। दोनों में जो अवधि पहले होगी, उसी के आधार पर शुल्क निर्धारित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed