फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   I never compromised on my principles: Vinesh, Politics News, Haryana News

मैंने अपने उसूलों का कभी सौदा नहीं किया : विनेश

Mon, 14 Apr 2025 01:05 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 14 Apr 2025 01:05 AM IST
विज्ञापन
I never compromised on my principles: Vinesh, Politics News, Haryana News
एक्स हैंडल पर लिखा- दो रुपये लेकर ट्वीट करने व फ्री का ज्ञान बांटने वाले सुनें
विज्ञापन

कहा-पूर्वजों से सीखा, हक छीना नहीं जीता जाता है
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। ओलंपियन और कांग्रेस विधायक विनेश फोगाट ने पुरस्कार को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचना करने वाले विरोधियों को करार जवाब दिया है। विनेश ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा कि दो रुपये लेकर ट्वीट करने और फ्री का ज्ञान बांटने वाले ध्यान से सुन लो, मैंने अपने उसूलों का कभी सौदा नहीं किया है। जो हासिल किया अपनी ईमानदारी से की हुई मेहनत और अपनों के आशीर्वाद से किया है, उसी पर गर्व है। आगे लिखा, तुम्हारी जानकारी के लिए बता दूं, अब तक करोड़ों के ऑफर ठुकरा चुकी हूं। सॉफ्ट ड्रिंक्स से लेकर ऑनलाइन गेमिंग तक। जहां तक मांगने की बात है, मैं उस धरती की बेटी हूं जहां आत्मसम्मान मां के दूध में घुला होता है। मैंने अपने पूर्वजों से सीखा है कि अपना हक छीना नहीं जीता जाता है। मुझे जरूरत पड़ने पर अपनों को पुकारना भी आता है और जब कोई अपना तकलीफ में हो तो उनके साथ दीवार बनकर खड़ा रहना भी आता है।


रोओ, रोओ और बस रोओ
विनेश ने सोशल मीडिया पर पुरस्कार को लेकर अपने खिलाफ लिखने वाले को लिखा कि कोने में बैठकर चुप रहो और वो करो जिसमें तुम सबसे अच्छे हो। रोओ, रोओ, रोओ और बस रोओ! क्योंकि हम कहीं नहीं जा रहे हैं। हम यहां रहने के लिए हैं, जमीन से जुड़े हुए अडिग आत्म-सम्मान के साथ खड़े हैं।
विज्ञापन


10 साल पहले ये सुविधा मिलती तो मुझे खेल छोड़ना नहीं पड़ता : बबीता
इसी बीच पूर्व अंतरराष्ट्रीय पहलवान व भाजपा नेत्री बबीता फोगाट ने एक निजी चैनल से बात करते हुए कहा, खिलाड़ियों को मेडल जीतने के लिए संघर्ष करना होता है। अब वाली सुविधाएं 2014 से पहले मिलती तो मेडल तालिका में बहुत आगे रहतीं। ओलंपिक तक पहुंचकर मेडल नहीं ला सकी। मैं खेल छोड़ना नहीं चाहती थी लेकिन साल 2018 में मेरे दोनों घुटनों में समस्या के कारण खेल छोड़ना पड़ा था। ये सुविधाएं पहले मिलती तो मुझे खेल छोड़ना नहीं पड़ता। चचेरी बहन बबीता के इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर विनेश की पोस्ट साथ जोड़कर चर्चा कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed